चतरा सदर अस्पताल में नॉर्मल डिलिवरी की आस में एक महिला 6 घंटे तक तड़पती रही। बाद में डॉक्टर ने प्रॉपर ओटी सेटअप नहीं होने की बात कह प्रसूता को हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद सदर अस्पताल के इस रवैये की जानकारी चतरा सांसद कालीचरण सिंह को दी गई। चतरा सांसद के हस्तक्षेप के बाद प्रसूता का ऑपरेशन हो सका। क्या है पूरा मामला घटना शुक्रवार देर रात की है। प्रसव पीड़ा आने के बाद प्रियंका कुमारी को उनके पति रंजीत यादव चतरा अस्पताल लेकर आए। जहां प्रारंभिक जांच के बाद वहां ड्यूटी पर तैनात नर्स ने 5-6 घंटे में नॉर्मल डिलीवरी का आश्वासन दिया, लेकिन सुबह तक प्रसव नहीं हुआ। सुबह 9 बजे ड्यूटी पर आईं डॉ सपना अग्रवाल ने मरीज को रेफर करने की बात कही। परिजनों के मुताबिक उन्होंने वहीं ऑपरेशन कराने के आग्रह पर डॉक्टर और उनके पति डॉ. प्रवीण कुमार ने न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि ड्यूटी छोड़कर चले गए। क्या कहती हैं ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सपना अग्रवाल का कहना है कि गर्भवती महिला का बीपी हाई था। बच्चे की हालत बिगड़ रही थी। उन्होंने ओटी असिस्टेंट की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए मरीज को रेफर करने का निर्णय लिया। जब सांसद को इसकी जानकारी दी गई तब उनके कहे अनुसार सांसद प्रतिनिधि विनय सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। शो-कॉज के साथ वेतन कटेगी इधर मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि यह मामला काफी खेदजनक हैं। चिकित्सक की पदस्थापना मरीजों के उपचार के लिए की जाती है। डॉ. सपना अग्रवाल द्वारा गर्भवती महिला की ऑपरेशन न करने की जानकारी मिली, जिसके बाद डीएस को दूसरे चिकित्सक से ऑपरेशन कराने का निर्देश दिया गया।डॉ. सपना अग्रवाल को शो-कॉज किया जाएगा। साथ ही आज का वेतन कोटा जाएगा।


