शहर से गुजर रहे चित्तौड़गढ़-भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार दोपहर 3.30 बजे आदिवासी समाज के लोगों ने चक्काजाम कर दिया। 15 दिन पहले सड़क हादसे में घायल युवक के इलाज पर हुए 15 लाख रुपए खर्च आने पर परिजन आर्थिक सहायता की मांग को लेकर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। बिस्टान नाका क्षेत्र में शुरू हुए चक्काजाम के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए, जब जाम में फंसी एक यात्री बस पर पथराव और वाहन चालकों के साथ अभद्रता करते हुए तोड़फोड़ होने लगी। इसके बाद भीड़ शासकीय शराब दुकान की ओर भी बढ़ी। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करते हुए हल्का लाठीचार्ज किया। पुलिस कार्रवाई के बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। इस दौरान सात से आठ लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
सड़क हादसे में घायल युवक सावन पिता कमल निवासी बोरखेड़ा के पेट में गंभीर चोटें आई थीं। परिजनों के अनुसार पेट का आधे से अधिक हिस्सा कट जाने से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और इंदौर में जारी उपचार में लाखों रुपए खर्च होने का अनुमान है। वहीं परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से परिजनों के साथ ग्रामीणों और समाजजनों ने बिस्टान नाके पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। घायल की मां कुसुम बाई और रिश्तेदार रोहित ने बताया कि सावन बाइक से बिस्टान से खरगोन आ रहा था, तभी पीछे से शराब ठेकेदार की जीप ने टक्कर मार दी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद से अब तक न तो आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हुई और न ही शासन स्तर से आर्थिक सहायता मिली, जिससे आक्रोश बढ़ गया।


