बलौदाबाजार में व्हाट्सएप के जरिए रेत का अवैध कारोबार:कुरूद घाट पर रात-दिन चल रहा माउंटेन मशीन; अधिकारियों का सरंक्षण मिलने का आरोप

बलौदाबाजार और रायपुर जिले की जीवनरेखा महानदी पर रेत माफियाओं का अवैध खनन जारी है। माफिया ग्राहकों को बुलाने के लिए खुलेआम व्हाट्सएप स्टेटस का उपयोग कर रहे हैं। एक फुटेज भी सामने आया है, जिसमें लोडिंग चालू होने की बात लिखकर स्टेटस में अपलोड कर दी गई। नियमों के विपरीत सबसे ज्यादा खनन सिरपुर के पास कुरूद, चिखली और हरदी घाटों पर हो रहा है। हालांकि इन इलाकों में प्रशासन और खनन विभाग की ठोस कार्रवाई की कोई खबर अब तक नहीं आई है। नियमों के विपरीत हो रहा खनन नियमों के अनुसार, रेत खनन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक केवल मैनुअल तरीके से किया जाना चाहिए, जिसमें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग सीमित होता है। हालांकि, कुरूद घाट पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। यहां एक साथ 3 से 4 शक्तिशाली चेन माउंटेन मशीनें दिन-रात अवैध रूप से रेत निकाल रही हैं। इन मशीनों से निकाली गई रेत को बड़ी हाइवा ट्रकों में ओवरलोड करके ले जाया जा रहा है। सैकड़ों की संख्या में बिना रॉयल्टी पर्ची वाले वाहन रोजाना बलौदाबाजार, रायपुर, मुंगेली, बिलासपुर, बेमेतरा और महासमुंद जैसे आसपास के जिलों में रेत पहुंचा रहे हैं। खनन को खुला संरक्षण मिलने का आरोप चिखली घाट पर मीडिया में खबर आने के बाद एक मशीन को सील किया गया था, लेकिन माफिया उसे दोबारा चालू करने की कोशिश में लगे हैं। कुरूद घाट पर स्थिति अधिक गंभीर है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विभागीय अधिकारी इस घाट से मात्र 500 मीटर पहले ही लौट जाते हैं। इस कथित मिलीभगत के कारण अवैध खनन को खुला संरक्षण मिल रहा है और कुरूद घाट पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

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