छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में लंबे समय से उद्योगों में मनमानियां देखी जा रही है। जिसकी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही है। ऐसे में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 3 उद्योगों के खिलाफ श्रम न्यायालय में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक जिले के उद्योगों में मजदूरों की जान जा रही है। कभी कहीं सुरक्षा मानकों में कमी तो कहीं लापरवाही के कारण घटनाएं हो रही है। जिसे देखते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के द्वारा ग्राम चिरईपानी स्थित सुनील इस्पात एंड पावर प्रायवेट लिमिटेड, इंडस्ट्रीयल पार्क पूंजीपथरा स्थित RS इस्पात प्रायवेट लिमिटेड और जामगांव स्थित MSP स्टील एंड पावर लिमिटेड में निरीक्षण किया गया। इन कारखानों में घटित दुघटनाओं में निरीक्षण कर पाए गए उल्लंघनों के लिए कारखाना अधिनियम, 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 के अंतर्गत सुनिल इस्पात के अधिभोगी व प्रबंधक प्रमोद कुमार तोला, RS इस्पात के विवेक चंद्र उपाध्याय और MSP स्टील एंड पावर लिमिटेड के प्रदीप कुमार डे व प्रंबधक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में दर्ज कराया गया है।
पहले भी की गई कार्रवाई
औद्योगिक स्वास्थ्य एंव सुरक्षा विभाग के द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। जहां अक्टूबर-नवबंर माह में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले 7 उद्योगों पर 11 लाख 12 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। इसमें मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि., मेसर्स NR इस्पात एंड पावर प्रा. लिमिटेड, स्काई एलॉयज एंड पावर प्रा.लिमिटेड, मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर प्रा.लिमिटेड, BS स्पंज प्रा. लिमिटेड, शारदा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड, जिंदल स्टील एंड पावर लि. (यूनिट-2) के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।


