राज्य सरकार के साथ बाड़मेर व बालोतरा जिले के सात विधायकों का एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया। उद्योग राज्य मंत्री के के विश्नोई को छोड़ छह विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की सदन में मुद्दों को लेकर मजबूत पैरवी की, लेकिन विधायक कोष का बजट खर्च करने में सफल नहीं रहे। विधायक कोष से एक साल के लिए पांच करोड़ रुपए का बजट मिलता है। सात में से एक भी विधायक ने पांच करोड़ के कार्यों की अनुशंषा नहीं की। सात विधायकों को पांच करोड़ के हिसाब से 35 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया। इसके मुकाबले एक साल में 19.38 करोड़ के कार्यों की अनुशंषा की गई। 318 कार्यों में से सिर्फ 53 कार्यों की ही वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई। यानि 265 काम तो मंजूर ही नहीं हुए। इस वजह से एक साल बाद 90 फीसदी काम तो शुरू नहीं हो पाए हैं। विधानसभा में उपस्थिति की बात करें तो एक साल में दो सत्र हुए। पहला सत्र 22 दिन व दूसरा 8 दिन चला। इस दौरान सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल सबसे ज्यादा 29 दिन तक सदन में मौजूद रहे। वहीं सबसे कम बायतु विधायक हरीश चौधरी 11 दिन ही उपस्थित रहे। पचपदरा विधायक ने बाड़मेर-बालोतरा के अलावा जयपुर,उदयपुर व पाली से जुड़े सवालों में रूचि दिखाई। विधायकों ने पानी,बिजली,सड़क समेत जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे सदन में रखे। विधायक रविंद्रसिंह भाटी मंत्री केके विश्नोई विधायक अरूण चौधरी विधायक हरीश चौधरी विधायक प्रियंका चौधरी विधायक हमीरसिंह भायल भाजपा की सरकार होने के बावजूद बाड़मेर व शिव विधानसभा क्षेत्र में नेता अपनों से उलझे रहे। क्रेडिट लेने की होड़ से गुटबाजी खुलकर सामने आई। बाड़मेर से भी क्रेडिट को लेकर नेता उलझे रहे। बाड़मेर निर्दलीय विधायक प्रियंका चौधरी व शिव निर्दलीय विधायक रविंद्रसिंह भाटी भाजपा के साथ थे, चुनाव में टिकट कटे तो निर्दलीय लड़े और चुनाव जीत गए। लेकिन एक साल बाद पार्टी में वापसी नहीं हो पाई। इधर, शिव से चुनाव लड़े अमीन खां की पार्टी में वापसी नहीं हो पाई है। कांग्रेस भी मजबूत विपक्ष की भूमिका में नहीं रही। सदन में विधायकों की उपस्थिति का हिसाब >अरुण चौधरी पहला सत्र- 21 दिन, दूसरा सत्र-7 दिन > आदूराम मेघवाल पहला सत्र-20, दूसरा सत्र-5 दिन >रविंद्रसिंह भाटी पहला सत्र-17, दूसरा सत्र-7 दिन > हरीश चौधरी पहला सत्र-6, दूसरा सत्र-5 दिन >प्रियंका चौधरी पहला सत्र-6, दूसरा सत्र-18 दिन >हमीरसिंह भायल पहला सत्र-22, दूसरा सत्र-7 दिन नोट:केके विश्नोई मंत्री होने से सवाल नहीं कर पाए। विधानसभा के दो सत्र हो चुके हैं। दोनों सत्रों में विधायकों ने अपने क्षेत्र व जिले की समस्याओं से जुड़े तारांकित व अतारांकित सवाल मजबूती के साथ रखे। एक साल के कार्यकाल में सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल ने सबसे ज्यादा 130 सवाल उठाए। वहीं सबसे कम 38 सवाल बायतु विधायक हरीश चौधरी ने उठाए। पचपदरा विधायक अरुण चौधरी ने 114, शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने 114 सवाल, चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल ने 70, बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी ने 48 प्रश्न लगाए। विधानसभा विधायक कार्य स्वीकृत बजट स्थितिबाड़मेर डॉ. प्रियंका चौधरी 42 213 लाख एएस जारी नहींशिव रविंद्रसिंह भाटी 11 60 लाख एएस जारी नहींचौहटन आदूराम मेघवाल 34 283 लाख 10 एएस जारीबायतु हरीश चौधरी 40 341 लाख 15 एएस,3 एफएसपचपदरा अरुण चौधरी 76 475 लाख 9 एएससिवाना हमीरसिंह भायल 75 165 लाख 49 एफएस जारीगुड़ामालानी के के विश्नोई 40 320 लाख 11 एएस जारी


