दतिया में सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज:न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस, सब्जियों पर पाले का खतरा

दतिया में चिल्ला जाड़ों की शुरुआत के साथ ही ठंड ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। बीती रात दतिया में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जब न्यूनतम तापमान गिरकर 5.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। नौगांव और राजगढ़ के बाद दतिया प्रदेश के ठंडे इलाकों में शामिल हो गया है। अचानक आई इस ठंड से आमजन के साथ-साथ किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं। रात के समय पारा तेजी से गिरा, जिससे खुले इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई। सुबह के समय आसमान साफ रहा, लेकिन उत्तर दिशा से चल रही ठंडी और शुष्क हवाओं ने कंपकंपी छुड़ा दी। सड़कों पर निकलने वाले लोग पूरी तरह गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। अलसुबह मॉर्निंग वॉक पर निकलने वालों की संख्या भी कम रही। आने वाले दिनों में घना कोहरा छाएगा
मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। तापमान में आई इस गिरावट का सीधा असर सब्जी फसलों पर पड़ने लगा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जैसे ही रात का तापमान 5 डिग्री के आसपास पहुंचता है, खेतों में पाला पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। टमाटर, मटर, आलू, बैंगन और हरी सब्जियां पाले से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं। कुछ किसानों ने सुबह खेतों में फसलों पर ओस की मोटी परत जमी देखी, जो पाले की ओर संकेत करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी तरह नीचे बना रहा तो सब्जियों की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। शाम के समय सिंचाई से बचें
किसानों को सलाह दी गई है कि वे शाम के समय हल्की सिंचाई करें, ताकि पाले का प्रभाव कम हो सके। साथ ही खेतों में धुआं करने या फसलों को ढकने जैसे पारंपरिक उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। ठंड बढ़ने से बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। चिकित्सकों ने लोगों को सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचने की सलाह दी है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *