‘हर मंदिर सुंदरकांड समूह’ उदयपुर की ओर से इस बार गुजरात के सालंगपुर स्थित श्री कष्टभंजन हनुमान जी के दरबार में 51वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। यहां भक्तों ने पारंपरिक मेवाड़ी वेशभूषा में सहभागिता की। पुरुष मेवाड़ी पाग और धोती-कुर्ता में थे। वहीं, महिलाएं रंग-बिरंगी चुनरिया में नजर आईं। सुंदरकांड पाठ के दौरान पूरे मंदिर परिसर में हनुमान जी के जयकारों और भक्ति संगीत से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। समूह के योगेश ओझा, ऋष्यंत ओझा, यशवंत श्रीमाली, भूपेंश श्रीमाली, दीपक श्रीमाली, जयेश श्रीमाली, निशांत श्रीमाली, मुकुल श्रीमाली एवं दुष्यंत ओझा सहित सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से संगीतमय सुंदरकांड पाठ किया। इस दौरान भजनों पर भक्त झूमते नजर आए। इस अवसर पर बाल वाहिनी के युवान ओझा, रुद्रराज श्रीमाली, दृष्टि ओझा एवं अन्वित श्रीमाली शामिल हुए। 2023 में लिया संकल्प, अब उदयपुर के बाद संभागभर के मंदिरों में करेंगे
सुंदरकांड पाठ करने का वर्ष 2023 में संकल्प लिया था। इसके तहत अब तक उदयपुर शहर के 50 अलग अलग हनुमान मंदिरों में सुंदरकांड पाठ कर चुके है। उदयपुर जिले के बाद संभाग में और फिर राजस्थान के सभी छोटे बड़े हनुमान मंदिरों में सुंदरकांड पाठ किया जाएगा। ग्रुप के ऋष्यंत ओझा ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन सुबह 6 बजे से लेकर रात 12:30 बजे तक लगातार 51 अलग अलग हनुमान मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। ग्रुप में 6 से 7 युवा है जो आपस में रिश्तेदार है।


