चौथ माता पैदल जा रहे श्रद्धालुओं पर पलटा ट्रक:तीन की मौत आठ घायल, सभी का कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल में इलाज जारी

बूंदी जिले के लाबान इलाके में शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। चौथ माता मंदिर चौथ का बरवाड़ा पैदल जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे पर अचानक एक तेज रफ्तार ट्रक पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि कई श्रद्धालु ट्रक के नीचे दब गए। इस दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 8 घायल लोगों को कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया जिसमें से एक युवक की मौत हो गई। मृतकों में सांवरा (32) वर्ष का एक व्यक्ति शामिल है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस एमबीएस हॉस्पिटल पहुंची। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए केशोरायपाटन अस्पताल और कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया। एमबीएस अस्पताल में घायलों के पहुंचने से पहले ही अधीक्षक धर्मराज मीणा ने व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दीं। व्हीलचेयर, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को अलर्ट मोड पर रखा गया, जिससे घायलों का तत्काल उपचार शुरू हो सका। घटनास्थल से कुल आठ घायलों को कोटा एमबीएस अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल में हालात का जायजा लेने के लिए कोटा रेंज आईजी राजेंद्र गोयल, एसपी तेजस्विनी गौतम, जिला कलेक्टर पीयूष समारिया सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। घायल श्रद्धालु की परिजन उर्मिला ने बताया कि वे परिवार सहित चौथ माता के दर्शन के लिए पैदल जा रहे थे। तभी लाबान के पास अचानक तेज गति से आ रहा ट्रक पलट गया और कई लोग उसके नीचे दब गए। इस हादसे में उनकी बेटी भी घायल हो गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। उन्होंने कोटा रेंज आईजी को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए ठोस इंतजाम करने को कहा। उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा कि पैदल श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित यात्रा कर सकें। कोटा रेंज आईजी राजेंद्र गोयल ने बताया कि इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौत और आठ लोग घायल हुए हैं। वे स्वयं नेशनल हाईवे की टीम के साथ मौके पर जाकर जांच करेंगे। यदि तकनीकी खामियां सामने आती हैं तो उन्हें दूर किया जाएगा। साथ ही पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए मार्ग में 5 से 7 वाहनों की तैनाती जैसे अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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