जबलपुर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घंटा वाले बयान का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही नारेबाजी करते हुए पुतला दहन कर उनसे इस्तीफे की मांग की। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए, “पत्रकारों के सम्मान में, शिव सेना मैदान में।” “कैलाश विजयवर्गीय मुर्दाबाद, शिव सेना जिंदाबाद।” कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा दो। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन करने के बाद पुलिस को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिवसेना के जबलपुर जिला अध्यक्ष शैलू पटेल ने कहा कि इंदौर में जो निंदनीय घटना हुई है उसके बाद कैलाश विजयवर्गीय का जो बयान आया। हम उसकी निंदा करते हैं।
इसी बयान के विरोध में हमने घंटाघर पर उनका पुतला दहन किया है। हम चाहते हैं कि इंदौर में जिन लोगों की मृत्यु हुई है उन्हें 10 – 10 लाख का मुआवजा दिया जाए। कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकारों के सामने जो घंटा शब्द का उपयोग किया है इसके लिए वो पत्रकारों से माफी मांगें। शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बागरी ने कहा, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकारों के लिए जो अशोभनीय शब्द कहे इसलिए हमने उनका पुतला दहन किया है। माननीय मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ऐसे निकम्मे मंत्री से इस्तीफा लिया जाए।
इंदौर में 15 मौतें हो गईं इसके बावजूद उन्होंने पत्रकारों से घंटा शब्द का इस्तेमाल किया है। इसीलिए हमने घंटाघर में उनका पुतला दहन किया है। एक घंटा मंदिर में रहता है, एक घंटा यहां घंटाघर में है। उन्होंने कौन सा घंटा बोला है उन्हें स्पष्ट करना चाहिए। माफी मांगनी चाहिए। इंदौर में जो हत्याएं हुई हैं उन परिजनों से माफी मांगी जाए। मृतकों को 10 लाख की राशि दी जाए। बीमारों को 5-5 लाख की राशि दी जाए।


