श्योपुर के वार्ड 11 अंबेडकर बस्ती में रविवार दोपहर धर्मांतरण के आरोपों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले में पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत पर जबरन धर्म परिवर्तन के कानून के तहत केस दर्ज किया है, जबकि दूसरे पक्ष ने घर में घुसकर मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। यह विवाद रविवार दोपहर करीब एक बजे शुरू हुआ। रेगर मोहल्ला निवासी अजय रेंगर की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। अजय का आरोप है कि सीताराम बैरवा और अन्य लोग अंबेडकर बस्ती में लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि इन लोगों ने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और ईसाई धर्म अपनाने पर पैसे और मुफ्त शिक्षा का लालच दिया। मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस अजय रेंगर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। वार्डवासियों ने लगाया घर में घुसकर धमकाने का आरोप दूसरी ओर, अंबेडकर नगर के निवासियों ने भी पुलिस को एक आवेदन सौंपा है। उनका आरोप है कि बजरंग दल और आरएसएस से जुड़े कुछ लोग 4 जनवरी को जबरन उनके घरों में घुस आए। निवासियों का कहना है कि इन लोगों ने गेट तोड़ने की कोशिश की, महिलाओं को डराया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित किया। वार्डवासियों ने बताया कि वे सालों से सत्संग करते आ रहे हैं और सिर्फ अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाते हैं। पुलिस कर रही है जांच फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही पुलिस ने कहा है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


