पर्यावरण की शुद्धता से सुरक्षित रहेगा हमारा जीवन-मरावी
राजेंद्रग्राम के इमलीखेरवा में अनुभूति में सम्मिलित हुये छात्र-छात्राये
अनूपपुर। पर्यावरण की शुद्धता से सफल होगा हमारा भविष्य इस हेतु हमें वन, वन्यप्राणियों के साथ पर्यावरण को शुद्ध रखने का प्रयास करना चाहिए उक्त उद्गार पुष्पराजगढ़ विकासखंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं लखौरा के प्राचार्य बी,एस,मरावी ने वन परिक्षेत्र राजेंद्रग्राम अंतर्गत धार्मिक स्थल इमलीखेरवा में आयोजित अनुभूति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा इस दौरान वन परिक्षेत्राधिकारी राजेंद्रग्राम शिवम कोष्टी ने कहा कि बच्चे आने वाले समय के भविष्य हैं जिन्हें घटते जंगल,वन्यप्राणी एवं घटना पर्यावरण,अशुद्ध होते पर्यावरण को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका अपने साथ अन्य लोगों के जीवन को सुरक्षित रखने हेतु किया जाना चाहिए। मध्यप्रदेश ईको पर्यटन बोर्ड एवं वनविभाग के द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रदेश के साथ अनूपपुर वन मंडल के सभी वन परिक्षेत्रो में अनुभूति कार्यक्रम के तहत शासकीय विद्यालयों में अध्यनरत छात्र छात्राओं को वनों से संबंधित जानकारी वन भ्रमण कराते हुए जन जागरूकता पशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है जिसके तहत धार्मिक स्थल इमलीखेरवा में आयोजित अनुभूति कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लखौरा के छात्र छात्राओं ने शिविर में सम्मिलित रहकर तरह-तरह की जानकारी प्राप्त की इस दौरान अनुभूति कार्यक्रम के प्रेरक एवं वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर शशिधर अग्रवाल ने छात्राओं को अनूभूति कार्यक्रम कराये जाने के उद्देश्यों के साथ वन भ्रमण कराते हुए विभिन्न प्रकार के पौधों, वृक्षों के साथ औषधि वृक्षों, प्रकृति की संरचना, वन्यजीवो, जीव-जंतुओं, जहरीले एवं जहरविहीन सांपों की पहचान उनसे बचाव एवं सर्पदंश से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार के संबंध में के साथ वर्षाकाल के समय गिरने वाले पानी को रोकने सक्षम विभिन्न तरह के वृक्षों, मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा किए जाते कार्यों, बाघ को अंब्रेला प्रजाति के स्पीसीज के द्वारा किए जाते सभी तरह के वन्यजीवो,वनों के संरक्षण एवं मध्यप्रदेश में पाए जाने वाले वन्यप्राणियों, वनविभाग के पदों की जानकारियां, वनविभाग द्वारा किए जाते वानिकी गतिविधियों, विभिन्न तरह के पक्षियों, संकटापन्न पक्षी गिद्ध के बचाव, वन कैसे होते हैं हमारे मददगार, पर्यावरण के संरक्षण से होने वाले लाभ आदि के संबंध में जानकारी दी इस दौरान परिक्षेत्र सहायक कल्याण सिंह, सत्यदेव सिंह ने औषधि पौधों वृक्षों की पहचान के साथ उनसे होने वाले विभिन्न जटिल तरह की बीमारियों के उपचार के संबंध में बच्चों को अवगत कराया गया इस दौरान बच्चों से प्रश्नोत्तरी कर सही उत्तर देने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया तथा आवश्यकता पड़ने पर ही प्लास्टिक का उपयोग करने, अपने आसपास स्वयं एवं अन्य को साफ-सफाई रखें जाने की बात करते हुए शपथ दिलाई गई, कार्यक्रम दौरान वन परिक्षेत्र के परि, सहायक, वनरक्षक, वन समितियो के पदाधिकारी, विद्यालयों के शिक्षा/शिक्षिका एवं सुरक्षाश्रमिक सम्मिलित रहे हैं।


