पाली शहर के धानमंडी जूनी कचहरी महाराणा प्रताप के जन्मस्थली पर आज रविवार को महाराणा प्रताप की 427 वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने कहा कि यहां पर होने वाला प्रत्येक कार्य इतिहास के पन्नो पर अंकित होगा। उन्होंने वीर प्रसूता भूमि को नमन करते हुए महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का आह्नान किया। इस दौरान वीर प्रताप की आदमकद प्रतिमा पर स्कूल के बच्चों ने माल्यार्पण किया। उपस्थित गणमान्यों के समक्ष समिति अध्यक्ष एडवोकेट शैतानसिंह सोनिगरा,संयोजक उगमराज सांड ने इस स्थल पर विविध निर्माण कार्य की उपयोगिता पर प्रकाश डाला । कार्यक्रम में पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा,कुसुम सोनी,उपसभापति ललित प्रितमानी,समिति अध्यक्ष एडवोकेट शैतानसिंह सोनिगरा,संयोजक उगमराज सांड, क्षेत्रीय पार्षद राधेश्याम चौहान,समिति के चम्पालाल सिसोदिया,रितेश छाजेड़, गौतम यति,मुकेश भंसाली,दौलाराम पटेल,भाजपा शहर अध्यक्ष सुरेश पंवार,मानवेन्द्रसिंह भाटी, समाजसेवी रामकिशोर साबू, शुमार सम्भवानी,रामचंद्र तोषवरा, आशीष तिवारी,मनीष जावा,नरेंद्र तिवारी, अमोलक शर्मा,जयंता व्यास,नीतू अमरनानी,प्रेमलता अग्रवाल, सहित समिति सदस्य, पाली के दर्जनो गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि व आमजन ने वीर प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। समिति सचिव चम्पालाल सिसोदिया एवं रितेश छाजेड़ ने बताया कि स्मारक स्थल पर पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख के सतत प्रयासो से शीघ्र ही मीटिंग हॉल और म्यूजियम के बनने की प्रक्रिया रंग लाएगी। शिवसेना के कार्यकर्ताओ ने भी इस अवसर पर माल्यार्पण किया। महाराणा प्रताप को शिवसैनिकों ने किया नमन माहाराणा प्रताप की 428वी पुण्यतिथि पर पाली शिवसेना जिला प्रमुख सोहन सिंह राव के नेतृत्व में पाली शिव सैनिकों ने महाराणा प्रताप जन्म स्थल पर पहुंच कर महाराणा प्रताप की अश्वरोही प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। एडवोकेट विशाल सैनी ने बताया कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमेशा में सीख मिलती है कि किसी भी परिस्थिति में हार नहीं माननी चाहिए एवं निरंतर संघर्ष कर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना ही हर मनुष्य जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। इस अवसर पर जिला उप प्रमुख अरविंद बंजारा, नगर प्रमुख रतन सिंह इंदा, दीपक जोशी, महेंद्र शर्मा, रैली संयोजक शंकर कुमावत, भीमराज प्रजापत, प्रकाश वैष्णव अन्य कई शिव सैनिक मौजूद रहे।


