वाराणसी में चौकी-इंचार्जों के बेहिसाब तबादलों पर सीपी की नकेल:ट्रांसफर पॉलिसी में अनुमति बिना DCP नहीं बदल सकेंगे तैनाती, काशी जोन में सर्वाधिक फेरबदल

वाराणसी में चौकी इंचार्ज और दरोगा के बेहिसाब तबादलों ने तीन जोन में डीसीपी समेत अफसरों की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए है। हर महीने बदलते चौकी इंचार्जों के तबादला सूची पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की निगाहें टेढ़ी हो गई है। वहीं अफसरों की मनमानी पर नकेल भी कसी है। दरोगा और चौकी इंचार्जों के तबादलों की एक के बाद एक सूची जारी करने वाला काशी जोन सीपी की नजर में है, वहीं वरुणा जोन भी तबादलों पीछे नहीं है। दीपावली से लेकर अब तक पिछले तीन महीने के तबादलों और बदलती तैनाती पर सीपी ने नई ट्रांसफर और नियुक्ति पॉलिसी तय कर दी है। अब वाराणसी में चौकी इंचार्जों का तबादला भी सीपी की निगरानी में होगा। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने डीसीपी को निर्देश दिया गया है कि नियुक्ति तिथि से एक वर्ष से पहले चौकी प्रभारियों को न हटाएं। हटाने के लिए आवश्यक जानकारियों के साथ पुलिस आयुक्त की अनुमति लेनी होगी। प्रारूप भरकर देने पर हटेंगे चौकी इंचार्ज वाराणसी में पिछले तीन महीने में काशी जोन में चौकी इंचार्जों के सर्वाधिक तबादलों की चर्चा के बीच पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल इसके पीछे की कहानी जांचने में जुटे हैं। वहीं अब सीपी की अनुमति के बिना चौकी प्रभारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। सीपी ने निर्देश जारी किया कि कि संबंधित जोन के डीसीपी चौकी प्रभारियों को संभव हो तो नियुक्ति तिथि से एक वर्ष से पहले न हटाएं। कहा कि अगर नियुक्ति तिथि से छह माह से पहले हटाने के लिए डीसीपी संबंधित चौकी प्रभारी का नीम, नियुक्ति की तिथि, स्थानान्तरण के कारण एवं अन्य जानकारियां एक प्रारूप में भरकर पुलिस आयुक्त को देंगे। पुलिस आयुक्त की अनुमति पर चौकी प्रभारी को हटया जा सकेगा। साथ ही कहा है कि छह माह के बाद और एक साल के अंदर हटाने की आवश्यकता पड़ती है तो उसी प्रारूप में सारी जानकारियां अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय को प्रस्तुत करेंगे। स्पष्ट किया गया कि सीपी की अनुमति से ही चौकी प्रभारी हटाए जा सकेंगे। कहा है कि पुलिस उपायुक्त हर दशा में सुनिश्चित करेंगे कि जिन उपनिरीक्षकों को चौकी प्रभारी के पद से हटाया गया है, उन्हें अगले छह माह तक चौकी प्रभारी नियुक्त न किया जाए। विशेष परिस्थितियों में अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय से अनुमति जरूरी है। कहा है कि गंभीर मामलों से दंडित उपनिरीक्षकों को चौकी प्रभारी न तैनात करें।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *