सीहोर जिले में वन विभाग ने नीलगाय के शिकार के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा। उनके पास से कच्चा मांस, धारदार हथियार और दो मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। वन विभाग की टीम को ग्राम बगलीखेड़ा और गादलिया के पास नीलगाय के शिकार की सूचना मिली थी। इस पर दो टीमों का गठन किया गया। तलाशी अभियान के दौरान, टीम ने ग्राम गादलिया निवासी शोभाराम के खेत के पास दो व्यक्तियों को मोटरसाइकिल पर देखा। आरोपियों ने खेत में खड़ी फसल का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें उनके झोलों सहित पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर कच्चा कटा मांस मिला
झोलों की तलाशी लेने पर एक में कटा हुआ कच्चा मांस और दूसरे में एक कुल्हाड़ी तथा एक हसिया मिला। पूछताछ में एक आरोपी ने अपना नाम शोभाराम निवासी गादलिया और दूसरे ने दीपसिंह निवासी बसंतपुर बताया। दोनों आरोपियों और उनकी दो मोटरसाइकिलों को आगे की पूछताछ के लिए वन परिक्षेत्र कार्यालय लाड़कुई लाया गया। आरोपियों की निशानदेही पर, टीम उन्हें उस घटनास्थल पर ले गई जहां नीलगाय का शिकार किया गया था। बीट बगलीखेड़ा और नयापुर की सीमा रेखा बनाने वाले नाले के पास जांच करने पर खून से सनी जमीन मिली। वहां 198 सेमी लंबी और 14 सेमी गोलाई वाली एक सागौन की बल्ली भी खून से सनी हुई पाई गई। वन्यप्राणी के अवशेष, पूंछ और हड्डी के टुकड़े भी घटनास्थल से जब्त किए गए। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 51 और 52 के तहत की गई है। वन विभाग अन्य फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रहा है।


