भास्कर न्यूज | चित्तौड़गढ़ इस वर्ष माघ की गुप्त नवरात्र 19 जनवरी से और चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होगी। गत वर्ष माघ नवरात्र 30 जनवरी और चैत्र नवरात्र 30 मार्च से आरंभ हुए थे। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्र इस बार 15 जुलाई से शुरू होगी, जबकि पिछले वर्ष यह 26 जून से थी। शारदीय नवरात्र भी इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 18 दिन की देरी से अक्टूबर में शुरू होगी। इस प्रकार वर्ष 2026 में दो विशेष संयोग बन रहे हैं। पहला, साल की शुरूआत में माघ और चैत्र नवरात्र दोनों 19 तारीख से आरंभ होंगे। दूसरा, साल के उत्तरार्द्ध में आषाढ़ और शारदीय नवरात्र समान रूप से 18 दिन की देरी से आएंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2026 में हिंदी पंचांग में दो ज्येष्ठ माह पड़ रहे हैं, जिसे अधिक मास की स्थिति कहा जाता है। इस कारण नवरात्र के आरंभ की तारीखों में भी बदलाव देखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे वर्षों में पर्वों की तिथियों में संयोग होने से साधना, दान, जप और देवी उपासना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। माघ नवरात्र तंत्र और गुप्त उपासना से जुड़ी है, जबकि चैत्र नवरात्र नवसंवत्सर, शक्ति आराधना और नवजीवन के आरंभ का प्रतीक है। तिथियों में बदलाव का कारण : दो ज्येष्ठ नए साल 2026 के पहले ही माह जनवरी में देवी भक्तों को गत वर्ष की तुलना में करीब 10 दिन पहले, 19 जनवरी से शुरू होने जा रही माघ माह की गुप्त नवरात्र में देवी आराधना का अवसर मिलेगा। इसके बाद हिंदी पंचांग के अनुसार चैत्र माह की नवरात्र 19 मार्च से शुरू होगी। यह संयोग माना जाएगा कि माघ और चैत्र-दोनों माह की नवरात्र इस बार 19 तारीख से शुरू हो रही हैं।


