भवानीमंडी नारकोटिक्स कार्यालय में 11 नवंबर काे दलाल अकरम काे 3 लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ने के बाद इंस्पेक्टर हितेश कुमार के भागने के मामले में एसीबी की कार्रवाई और तर्क संदेह के घेरे में है। एफआईआर के मुताबिक, उन्होंने रिश्वत लेते दलाल अकरम काे पकड़ा था। इंस्पेक्टर अंधेरे में ऑफिस से भाग गया। भास्कर पड़ताल में एसीबी का झूठ सामने आया है। एक प्रत्यक्षदर्शी नारकोटिक्स विभाग के कर्मचारी ने भास्कर काे बताया कि एसीबी की टीम हितेश काे उसके चैंबर में ले गई थी। पूछताछ के बाद अकेला छोड़ दिया। इसी दाैरान इंस्पेक्टर भाग गया। यह बात परिवादी ने भी कही। इसी तरह एसीबी ने एफआईआर में दलाल अकरम के हवाले से बताया कि इंस्पेक्टर पीछे के रास्ते से फरार हुआ जबकि ऑफिस बिल्डिंग के पीछे रास्ता ही नहीं है। एफआईआर में बताया कि इंस्पेक्टर ऑफिस के पीछे खेतों में भागा। सवाल यह है कि अकेले भागते इंस्पेक्टर काे एसीबी की पूरी टीम कैसे नहीं पकड़ पाई। हम नहीं पहचानते आरोपी को “टीम दलाल अकरम काे पकड़ने गई थी। एसीबी वाले इंस्पेक्टर काे नहीं पहचानते थे। इसलिए वह भाग गया। हमने उसे नहीं पकड़ा है।” -मुकुल शर्मा, एएसपी, कोटा एसीबी


