राजधानी में नशे के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान चलाया और ड्रग्स के बड़े नेटवर्क को क्रैश किया, लेकिन चाकूबाजी जैसी घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया। यही कारण है कि पिछले साल की तुलना में इस साल हत्या की घटनाएं अधिक हुई हैं। इस साल हत्या की 90 और हत्या की कोशिश की 97 घटनाएं दर्ज की गई हैं। हालांकि, इसकी वजह पुरानी रंजिश या गैंगवार नहीं, बल्कि मामूली विवाद ही थे। हत्या की कोशिश की घटनाएं भी बढ़ी हैं, लेकिन लूट, चोरी समेत कई अपराधों में कमी आई है। डकैती की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है। ऑनलाइन ठगी की 10 हजार से ज्यादा शिकायतें सामने आईं, जिसमें 30 करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई। हालांकि इसमें से 8680 केस में 11.25 करोड़ रुपए होल्ड कराए गए।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने रविवार को जिले का सालाना रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि 2024 में 17 हजार 703 अपराध दर्ज किए गए थे, जबकि 2025 में 15 हजार 896 अपराध दर्ज हुए हैं। इस तरह पिछले साल की तुलना में 2025 में करीब 10 प्रतिशत आपराधिक आंकड़ों में कमी आई है। नशे का कारोबार…445 तस्करों को भेजा गया जेल
पुलिस ने नशे का कारोबार करने वाले 445 तस्करों को जेल भेजा है। इनमें सबसे ज्यादा 287 आरोपी गांजा तस्करी के हैं, जबकि 116 ड्रग्स तस्कर हैं। इनमें रायपुर के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के तस्कर भी शामिल हैं। एक ही माह में पुलिस ने 53 तस्करों को जेल भेजा है। इन तस्करों से 2.81 करोड़ रुपए का ड्रग्स जब्त किया गया है, जिसमें हेरोइन, अफीम, एमडीएमए, चरस, ब्राउन शुगर समेत अन्य मादक पदार्थ शामिल है। नशीली टेबलेट बेचने वाले 29 और सिरप बेचने वाले 19 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। सड़क हादसे में मौतें 3.4% बढ़ीं
2024 में 2079 सड़क हादसों में 594 लोगों की जान गई थी और 1495 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। 2025 में सड़क हादसों की संख्या में कमी आई। लेकिन 2047 हादसों में 1374 लोग घायल हुए और 615 लोगों की जान गई। इस तरह सड़क हादसों में मौतें 3.4 प्रतिशत बढ़ी है।


