राईकाबाग स्टेशन पर 4.5 करोड़ रुपए के एस्केलेटर हुए चालू:जोधपुर कैंट साइड एफओबी पर लगीं 4 स्वचालित सीढ़ियां, अब प्लेटफार्म बदलना हुआ आसान

जोधपुर के राईका बाग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए लगाए गए चार नए एस्केलेटर अब चालू कर दिए गए हैं। करीब साढ़े चार करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए ये स्वचालित सीढ़ी सिस्टम शुरू होने के बाद प्लेटफॉर्म बदलना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। नए एस्केलेटर शुरू होने से खासतौर पर बुजुर्ग, दिव्यांग, बीमार और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। ये सभी एस्केलेटर जोधपुर कैंट साइड स्थित फुट ओवर ब्रिज पर लगाए गए हैं। राईका बाग स्टेशन के दोनों प्लेटफॉर्म पर लगे एस्केलेटर यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित और तेजी से पहुंचने में मदद कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इससे स्टेशन पर भीड़ का दबाव नियंत्रित करने और आवागमन को व्यवस्थित बनाने में भी सहूलियत होगी। यात्री सुविधा को मिली नई रफ्तार जोधपुर मंडल डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राईका बाग स्टेशन पर एस्केलेटर स्थापना का काम अगस्त 2023 में शुरू किया गया था। अब यह कार्य पूर्ण हो चुका है और चारों एस्केलेटर यात्रियों के लिए पूरी तरह चालू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन एस्केलेटर्स से यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और तेज आवागमन की बेहतर सुविधा मिल रही है। डीआरएम त्रिपाठी के अनुसार राईका बाग स्टेशन को आधुनिक, यात्री-अनुकूल स्टेशन बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। पहले ही जोधपुर साइड वाले फुट ओवर ब्रिज पर दो लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिससे एस्केलेटर और लिफ्ट दोनों मिलकर स्टेशन पर गतिशीलता को और आसान बना रहे हैं। एस्केलेटर से क्या बदलेगा स्टेशन अनुभव सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार एस्केलेटर बिजली से संचालित स्वचालित सीढ़ियां होती हैं, जो यात्रियों को बिना ज्यादा शारीरिक श्रम के ऊपर-नीचे जाने की सुविधा देती हैं। यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और बीमार यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी है। उनके मुताबिक, एस्केलेटर की मदद से यात्री समय पर अपने गंतव्य प्लेटफॉर्म तक पहुंचकर ट्रेन पकड़ सकते हैं और स्टेशन से बाहर निकलना भी अधिक सहज हो गया है। रेलवे का कहना है कि स्वचालित सीढ़ियों के कारण अचानक भीड़ होने पर भी प्लेटफॉर्म बदलने में लगने वाला समय कम होगा। इससे न सिर्फ यात्रियों की थकान घटेगी, बल्कि स्टेशन पर सुरक्षा और सुगमता, दोनों में सुधार होगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *