रतलाम को रविवार को आत्म-निरीक्षण, आंतरिक शांति और सदाचार का नया केंद्र मिला। पद्म विभूषण नारायण मूर्ति ने देश के पहले सुख शक्ति धाम का लोकार्पण किया। यह ध्यान केंद्र सागोद रोड स्थित बिबड़ौद के पास एक्सप्रेस सिटी में बनाया गया है, जहां हर समाज, धर्म और जाति के लोग अपनी-अपनी पद्धति से ध्यान कर सकेंगे।
लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता सुख शक्ति धाम के शिल्पकार डॉ. वल्लभ भंसाली (मुंबई) ने की। विशिष्ट अतिथि इनाम सिक्योरिटीज के अध्यक्ष नेमिष शाह, इप्का समूह के प्रेमचंद गोधा और कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप रहे। काश्यप ने कहा कि सुख शक्ति धाम रतलाम के सकारात्मक परिवर्तन की भूमि बनेगा।
नारायण मूर्ति ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चा सुख दूसरों के सशक्तिकरण और करुणा में निहित है। उन्होंने इंफोसिस की स्थापना से जुड़े अनुभव साझा करते हुए सामूहिक सफलता, समानता और उदारता के महत्व पर जोर दिया। टोरेंट समूह के सुधीर मेहता और फोर्स मोटर्स के अभय फिरोदिया ने वर्चुअली संबोधित किया। क्यूरेटर कात्यायनी अग्रवाल और युवा आर्किटेक्ट आदिल ढोलकिया का सम्मान किया गया। क्या है सुख शक्ति धाम : सुख शक्ति धाम को ध्यान, आत्मचिंतन और नैतिक जीवन मूल्यों के प्रसार के लिए विकसित किया गया है। यह केंद्र बाहरी सफलता के बजाय आंतरिक शांति और करुणा पर आधारित जीवन दृष्टि को बढ़ावा देगा।


