भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से संक्रमित हुए लोगों का शहर के 20 से ज्यादा अस्पतालों में उपचार चल रहा है। गंभीर पीड़ितों में संक्रमण किडनी, लिवर तक पहुंच चुका है। ऐसे मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उधर, रहवासियों का नर्मदा, बोरिंग, टैंकर… सभी से भरोसा उठ चुका है। लोग पानी साफ करने के इंतजाम खुद ही कर रहे। 75 वर्षीय शालीग्राम ठाकुर को पहले उल्टी-दस्त लगे। फिर संक्रमण किडनी, हार्ट और ब्रेन तक पहुंच गया। उन्हें चार निजी अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन हर जगह से रैफर होने के बाद बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। फिलहाल वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इन्फेक्शन के साथ किडनी फेल्योर, कार्डियक और न्यूरोलॉजिकल जटिलताएं हो चुकी हैं। संक्रमण शरीर के कई सिस्टम पर असर डाल चुका है, जिससे इलाज बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। कुछ घंटों में बिगड़ी हालत, किडनी पर सीधा असर
66 वर्षीय पार्वती बाई और 75 वर्षीय हीरालाल परमार। शुरुआत में उल्टी-दस्त को सामान्य मानकर घर पर इलाज किया। कुछ ही घंटों में हालत बिगड़ गई। अस्पताल में जांच के दौरान किडनी इन्फेक्शन सामने आया, जिसके बाद आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में अत्यधिक पानी और जरूरी लवणों की कमी के कारण किडनी पर सीधा असर पड़ा। 398 मरीजों का अस्पतालों में इलाज अब तक हो चुका
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 398 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए जा चुके हैं। इनमें से 256 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। फिलहाल 142 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें 11 मरीज आईसीयू में हैं। भागीरथपुरा से जुड़े मरीज इस समय इंदौर के 20 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाजरत हैं। लैब रिपोर्ट का इंतजार गलत, वर्बल ऑटोप्सी बताएगी सच एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. संजय दीक्षित का कहना है, डायरिया में मौत केवल दस्त से नहीं, बल्कि उससे उत्पन्न गंभीर डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से होती है, जो किडनी और हृदय जैसे अंगों को फेल कर देता है। जब 16 में से सिर्फ 3 पोस्टमॉर्टम हुए हों और लैब से विब्रियो कॉलरा की पुष्टि भी न हुई हो, तो शेष 13 मौतों का सच जानने के लिए ‘वर्बल ऑटोप्सी’ ही एकमात्र वैज्ञानिक विकल्प है। डेथ ऑडिट: नियम व हकीकत
1. नियम : असामान्य मौतों पर तत्काल ऑडिट और ‘वर्बल ऑटोप्सी’
हकीकत : 16 मौतों के बाद प्रक्रिया शुरू, वह भी कागजी स्तर पर
2. नियम : नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त सर्वे और डेटा मिलान
हकीकत : निगम लीकेज नहीं ढूंढ पाया, विभाग लैब रिपोर्ट के नाम पर अटका
3. नियम : पोस्टमॉर्टम न होने पर हर संदिग्ध मौत की क्लिनिकल समीक्षा
हकीकत : 16 में से सिर्फ 3 पोस्टमॉर्टम, 13 मौतों का मेडिकल सच अधूरा भागीरथपुरा ही फिलहाल पूरा इंदौर : मंत्री रविवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रेसीडेंसी कोठी पर हाईलेवल बैठक ली। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अब से कोई भी फाइल बिना वजह नहीं रुकेगी। उन्होंने अफसरों को दो टूक निर्देश दिए कि फिलहाल भागीरथपुरा ही पूरा इंदौर है और प्रशासन की पूरी ताकत वहीं झोंकी जाए। शाम 4.30 बजे बंद कमरे में शुरू हुई बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा और नए निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सहित प्रशासनिक अमला मौजूद था। मेडिकल डेथ ऑडिट रिपोर्ट पर काम जारी : कलेक्टर
कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि भागीरथपुरा में हुई मौतों को लेकर डेथ एनालिसिस और मेडिकल डेथ ऑडिट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मेडिकल कॉलेजों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सहयोग से सभी संदिग्ध मौतों का विश्लेषण किया जा रहा है। डेथ ऑडिट रिपोर्ट पर काम जारी है और जल्द रिपोर्ट आने की संभावना है। भागीरथपुरा को 32 भागों में बांटा, 8 अपर आयुक्तों को जिम्मेदारी भागीरथपुरा में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने न सिर्फ नगर निगम में तीन नए अपर आयुक्तों की नियुक्ति की है, बल्कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के चार इंजीनियरों को भी इंदौर भेजा है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल रविवार सुबह 6 बजे भागीरथपुरा पहुंचे। पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए 8 अपर आयुक्तों की ड्यूटी लगाई है। इलाके को 32 बीट में बांटा है। लीकेज तलाशने का काम अब भी जारी है। अपर आयुक्तों को विभागों का नया आवंटन 11 काे कांग्रेस की न्याय यात्रा, दिल्ली समेत प्रदेशभर के नेता शामिल होंगे कांग्रेस ने रविवार को बैठक की। तय किया कि भागीरथपुरा के पीड़ित परिवारों के लिए 11 जनवरी को न्याय यात्रा निकाली जाएगी। इसमें प्रदेश भर के विधायक, सांसद व प्रमुख नेता शामिल होंगे। दिल्ली से भी राष्ट्रीय पदाधिकारी आएंगे। यात्रा बड़ा गणपति से राजबाड़ा तक निकलेगी। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि विपक्ष को पीड़ित परिवारों से मिलने तक नहीं दिया गया। भाजपा के कार्यकर्ता सेवा करने के बजाय गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। पटवारी ने मांग की कि जिम्मेदार अफसरों के तबादले व निलंबन से काम नहीं चलेगा। इन सभी पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा दें। बैठक में शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े, शोभा ओझा, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रीना सेतिया, युकां अध्यक्ष अमित पटेल, प्रभारी उषा नायडू ने भी बात रखी। 85 वार्डों में होगी श्रद्धांजलि सभा बैठक में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जनता ही हमारी मालिक है। इसलिए सभी मृतकों को सभी 85 वार्डों में श्रद्धांजलि देना है। साथ ही न्याय के लिए मैदान संभालना है। तय किया गया कि यात्रा की तैयारी के लिए 7 को फिर बैठक होगी। इसी दिन महिला कांग्रेस की तरफ से कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा। बैठक में सच सलूजा, अरविंद बागड़ी, गिरधर नागर, राजेश चौकसे, अनिल यादव, शैलेष गर्ग मौजूद थे। 2 इंजीनियर भी लगाए इधर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने प्रताप सिंह बघेल और नरेश कुमार भारकर को नगर निगम इंदौर में प्रतिनियुक्त किया है। दोनों सिविल सहायक यंत्री हैं और इससे पहले क्रमशः बुरहानपुर और इंदौर मंडल में पदस्थ थे।


