रणथंभौर की बाघिन टी-107 सुल्ताना एक बार फिर अपने शावकों को शिफ्ट करती हुई दिखाई दी। इससे पहले भी बाघिन मिश्रदर्रा गेट की गुफा से शावकों को जंगल में शिफ्ट करती हुई दिखाई दी थी। जिसके बाद सोमवार सुबह एक बार फिर बाघिन ने अपने शावकों को शिफ्ट करती हुई दिखाई दी। इस दौरान वन विभाग की ओर से एतिहात के तौर पर कुछ देर के लिए त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग को बंद कर दिया गया। फिलहाल वन विभाग की ओर से बाघिन व उसके शावकों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अपनी पसंदीदा जगह पर दिया था शावकों को जन्म दरअसल, 19 दिसंबर शुक्रवार सुबह कुछ श्रद्धालु गणेश धाम मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे। यहां बाघिन शावकों को शिफ्ट करते दिखने पर वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन सुल्ताना ने मिश्रदर्रा गेट के पास शावकों को जन्म दिया था। ये इसकी सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। इससे पहले भी बाघिन सुल्ताना के जितने शावक हुए है, वह मिश्रदर्रा गेट के पास बनी गुफा में हुए है। अब सुरक्षित जगह पर किया शिफ्ट वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघिन ने करीब एक महीने बाद अपने बच्चों को जंगल में शिफ्ट किया है। 19 दिसंबर शुक्रवार सुबह वह अपने बच्चों को अपनी टेरिटरी जोन नंबर-1 में लेकर गई थी। जिसके करीब 17 दिन बाद बाघिन ने फिर से शावकों को शिफ्ट किया है। वन विभाग ने सावधानी के तौर पर करीब आधे घंटे के लिए इस ढाई किलोमीटर के रास्ते को बंद कर दिया गया था। जब वह अपने दोनों शावकों को जंगल में शिफ्ट कर चुकी थी, इसके बाद दोबारा रास्ता खोला गया। डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि बाघिन सुल्ताना के शावकों के जन्म के बाद रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघ, बाघिन और शावकों की कुल संख्या अब करीब 73 हो गई है। इससे रिजर्व में बाघ संरक्षण की सफलता को लेकर वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है। बाघिन नूर की बेटी है सुल्ताना बाघिन टी-107 सुल्ताना टी-39 नूर की बेटी है। जिसकी उम्र करीब 9 साल है। बाघिन टी-107 चार बार शावक को जन्म दे चुकी है। इससे पहले बाघिन तीन बार मां बन चुकी है।


