टोंक जिला मुख्यालय समेत जिले भर में सोमवार सुबह से ही घना कोहरा और हल्के बादल छाए रहे। वही, तापमान 7 डिग्री बना रहा। कोहरा इतना घना रहा कि दोपहर तक भी सूर्य के दर्शन मुश्किल हो गए। इसके साथ ही मध्यम गति से हवाएं चलती रहीं, जिससे गलन और सर्दी का असर और बढ़ गया। हवा और गलन से बढ़ी ठंड, लोग जरूरी काम से ही निकले बाहर मौसम ठंडा बना हुआ है। गलन बढ़ने और हवा चलने के कारण लोगों को कड़ाके की सर्दी का एहसास हुआ। लोग केवल जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले। सड़कों और बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम नजर आई। वाहन चालकों और कामकाजी लोगों को ज्यादा परेशानी कोहरे और सर्दी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी वाहन चालकों और रोजाना काम पर जाने वाले लोगों को हुई। इन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा ऊनी कपड़े पहनकर बाहर निकलना पड़ा। कोहरे के चलते वाहन चालकों को सतर्क होकर वाहन चलाने पड़े। तापमान में नहीं आया सुधार गलन बढ़ने से तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ। रविवार की तरह सोमवार को भी न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान भी 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इस साल बदला सर्दी का मिजाज इस साल पहली बार सर्दी का चक्र गड़बड़ाया है। आमतौर पर नवंबर माह में ही ठिठुराने वाली सर्दी और घना कोहरा देखने को मिलता है, लेकिन इस बार दिसंबर 2025 में न तो कड़ाके की सर्दी पड़ी और न ही लगातार घना कोहरा छाया। नए साल की शुरुआत के साथ ही घने कोहरे और सर्दी का असर बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने के आसार हैं। फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा मौसम पिछले तीन दिनों से लगातार घना कोहरा छाने के कारण रात के समय ओस पड़ रही है। यह स्थिति फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। ओस और मावठ से प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन मिलती है, जिससे फसलों को खाद की पूर्ति होती है और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।


