एमपी में ज्यादातर जिलों में रहा कोल्ड डे:शिवपुरी सबसे ठंडा, 19 डिग्री रहा दिन का तापमान; 20 से ज्यादा जिलों में रहा कोहरा

मध्यप्रदेश के कई जिलों में शनिवार को कोल्ड-डे जैसी स्थिति रही। शिवपुरी सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का पारा प्रदेश में सबसे कम 19 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह में तापमान 20 डिग्री, खजुराहो में 22.2 डिग्री, नौगांव में 22.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 22.6 डिग्री और रीवा-पचमढ़ी में 23 डिग्री रहा। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में पारा 25.6 डिग्री, उज्जैन में 29 डिग्री, इंदौर में 27.9 डिग्री और जबलपुर में 25 डिग्री रहा। इससे पहले शनिवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, छतरपुर, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, रतलाम, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मंडला, खजुराहो, नौगांव में कोहरे का असर देखने को मिला। कहीं कहीं तो 50 से 100 मीटर तक विजिबिलिटी दर्ज की गई। कोहरे की वजह से इंदौर आने-जाने वाली दो फ्लाइट्स लेट हो गईं। बेंगलुरु-इंदौर फ्लाइट शनिवार सुबह 7.15 की जगह दो घंटे देरी से 9.16 बजे पहुंची। वहीं, दिल्ली में कोहरे के कारण इंदौर से सुबह 6.55 बजे उड़ने वाली फ्लाइट डेढ़ घंटे देरी से सुबह 8.27 बजे रवाना हुई। अगले तीन दिन घना कोहरा, ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक, कड़ाके की ठंड का असर अब और भी बढ़ेगा क्योंकि बर्फीली हवा की रफ्तार बढ़ेगी। अगले 3 दिन प्रदेश में कोहरा छाया रहेगा। इससे पहले शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत प्रदेश के 18 शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति रही। यहां दिन का पारा 23 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। शनिवार को मौसम की 5 तस्वीरें… इसलिए ठंड का असर
शुक्रवार को जेट स्ट्रीम हवा 287 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती रही। हवा चलने और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) ने ठंड का असर बढ़ाया है। मौसम विभाग ने पूरे जनवरी महीने में तेज सर्दी पड़ने की संभावना भी जताई है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम भोपाल-इंदौर समेत 18 शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति
शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के 18 शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति रही। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 19 डिग्री, इंदौर में 21.2 डिग्री, ग्वालियर में 20.3 डिग्री, उज्जैन में 20.5 डिग्री, जबलपुर में 20.8 डिग्री तापमान रहा। सबसे ठंडा रायसेन रहा। यहां दिन का तापमान 18.8 डिग्री दर्ज किया गया। इसी प्रकार शिवपुरी में 19.2 डिग्री, नौगांव में 20.5 डिग्री, रीवा में 20.6 डिग्री, दमोह में 20.8 डिग्री, गुना में 20.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 21 डिग्री, धार-सागर में 21.4 डिग्री, सीधी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 22.2 डिग्री, पचमढ़ी में 22.6 डिग्री और सतना में 22.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इससे पहले सुबह प्रदेश के आधे हिस्से में कोहरा छाया रहा। वहीं, रात के तापमान में भी गिरावट हुई। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 को हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 को पारा माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 में कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी। मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंदौर-दिल्ली फ्लाइट ने 3 घंटे लेट उड़ान भरी उत्तर भारत में मौसम खराब होने का असर इंदौर एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स पर भी नजर आ रहा है। इंदौर एयरपोर्ट से आने-जाने वाली लगभग 6 फ्लाइट्स अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में कोहरे के कारण अधिकतर फ्लाइट्स लेट हो रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *