पाकुड़ के बिजली कॉलोनी शिव मंदिर में सोमवार से नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा अमृत वर्षा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में एकत्र हुए और भव्य कलश यात्रा का हिस्सा बने। कलश यात्रा मंदिर से शुरू होकर शहर के रविंद्र चौक, भगत पाड़ा और बिरसा चौक होते हुए काली भषान पोखर तक गई। श्रद्धालुओं ने पोखर से जल भरकर मंदिर तक यात्रा पूरी की, जहां इसका समापन हुआ। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में भक्तों ने इस आयोजन में भाग लिया और जयकारे लगाए, जिससे पूरे इलाके में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। नौ दिन तक चलेगा कथा आयोजन यह धार्मिक अनुष्ठान सोमवार से शुरू होकर 13 जनवरी को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। आयोजन स्थल पर नौ दिवसीय अनुष्ठान के लिए विशेष निर्माण कार्य और आकर्षक सजावट की गई है। आयोजकों का कहना है कि कथा सुनने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से भारी भीड़ उमड़ेगी। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रुद्राभिषेक और पूजन का कार्यक्रम होगा, जबकि शाम 3 बजे से रात्रि 8 बजे तक कथा का संचालन किया जाएगा। कथावाचक और आयोजन समिति की भूमिका इस नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा का संचालन काशी के कथावाचक आचार्य धीरज अपने मुखारविंद से करेंगे। कथा आयोजन बाबा कोटेश्वर नाथ शिवालय और निवेदक शिव महापुराण कथा समिति द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि वे श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का ध्यान रख रहे हैं, ताकि भक्त आराम से धार्मिक कार्यक्रम का आनंद ले सकें। इस महापुराण कथा का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव की पूजा-अर्चना और भक्तों के आध्यात्मिक उत्थान को बढ़ावा देना है।


