रामगढ़ शहर के सुभाष चौक पर श्री महाकाल महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रामगढ़ संघर्ष समिति की ओर से आयोजित यह महोत्सव पिछले आठ वर्षों से लगातार किया जा रहा है और इसे रामगढ़ जिले का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे भगवान महाकाल के भव्य श्रृंगार के साथ हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। अनुष्ठानों के उपरांत महा आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान सुभाष चौक का माहौल भक्तिमय बना रहा और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना श्री महाकाल महोत्सव का मुख्य उद्देश्य रामगढ़ जिला और क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करना है। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी देता है। महा आरती के बाद विशाल महा भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर विशेष इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं ने भी अनुशासन का पालन करते हुए पूरे कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे आयोजन सफल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आठ वर्षों से निरंतर आयोजन रामगढ़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया कि श्री महाकाल महोत्सव का आयोजन पिछले आठ वर्षों से निरंतर किया जा रहा है और हर वर्ष इसमें भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को पूरे रामगढ़ जिले का व्यापक समर्थन प्राप्त है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेते हैं। धनंजय कुमार ने बताया कि समिति का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को सहेजते हुए समाज को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव रामगढ़ की पहचान बन चुका है और आने वाले वर्षों में इसे और भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों की अहम भूमिका रही।


