इकलौती बेटी को मारवाड़ की मोजड़ी देना चाहता था पिता:मॉर्च्युरी में ड्रेस-जूते देख भावुक हुए लोग; रवाना होते ही 100 मीटर घिसटती हुई पलटी थी बस

जालोर बस हादसे में जान गंवाने वाले अमृतलाल जाट 2 महीने से करौली में ब्याही बेटी के पास जाने का प्लान बना रहे थे। जब प्लान बना तो बस जालोर से 20 किमी आगे निकलते ही पलट गई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके काले रंग के बैग में उनकी नई ड्रेस, बेटी के लिए मारवाड़ की फेमस मोजड़ी निकली तो मॉर्च्युरी में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। अब अमृतलाल के परिवार में उनकी बेटी के सिवाय कोई नहीं बचा। 20 साल पहले मां और पिता सड़क हादसे में मारे गए थे और 3 साल पहले पत्नी की बीमारी से मौत हो गई थी। मामला जालोर के आहोर थाना इलाके के नेशनल हाईवे (NH-325) का है। रविवार रात जालोर से करौली जा रही टीआर जाणी ट्रेवल्स की एक निजी बस पेड़ से टकरा कर पलट गई, इसमें सवार 3 लोगों की मौत हो गई। आरोप है कि ड्राइवर नशे में था और गुटखा मिक्स करने के चक्कर में बस बेकाबू होकर सड़क किनारे पलटती हुई उलटी हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले सांचौर के लियादरा गांव निवासी फगलूराम (75) उनकी पत्नी हाऊ देवी (65) और करौली निवासी अमृत लाल जाट (40) की मौत हो गई थी। पहले देखिए हादसे की तस्वीर… पढ़िए अमृतलाल की कहानी… परिवार में अब बेटी के सिवा कोई नहीं बचा अमृत लाल के दामाद राम अवतार बताते हैं- ससुर (अमृत लाल) 2 साल बाद बेटी सोनम से मिलने आने वाले थे। इसी दौरान हादसे की खबर में हम सबको हिलाकर रख दिया। सोनम के परिवार में अब कोई नहीं बचा। वह इकलौती बेटी थी। राम अवतार बताते हैं- 2005 में अमृत लाल की माता चंदा देवी और पिता राम खराड़ी को सड़क पर पैदल चलते हुए एक ट्रक ने कुचल दिया था। वहीं 2022 में सास वाजेत्री देवी की मिर्गी का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। सबके लिए कुछ न कुछ लेकर आ रहे थे राम अवतार बताते है- 2021 में सोनम से मेरी शादी हुई थी। वे मुझे अपने बेटे की तरह ही मानते थे और जालोर में स्टोन कटिंग का काम का रहे थे। वे नवम्बर से ही मिलने आने का प्लान बना रहे थे। जब भी बात होती तो वे कहते कि छुट्टी नहीं मिल रही है। छुट्टी मिलते ही आऊंगा। जैसे ही उन्हें समय मिला उन्होंने आने की बात कही थी। उन्होंने सोनम के लिए मोजड़ी और मेरे लिए नए जूते लिए थे। वही लेकर अपने साथ आ रहे थे। उनका भरतपुर में भी रिश्तेदारों के यहां रुकने का प्लान था। बैग को देख भावुक हुए लोग मॉर्च्युरी के बाहर जब मृतकों को और घायलों का सामान जांच कर रखा जा रहा था तब एक काले रंग के बैग की पहचान अमृत लाल ले बैग के रूप में हुई। इस बैग में अमृत लाल की एक नई ड्रेस थी। जिसे उन्होंने बेटी के ससुराल में पहन कर जाने के लिए सिलवाया था। वहीं 2 जोड़ी जूते जिसमें से एक उनके नाप का और एक दामाद के नाप का था। वहीं एक लाल रंग की मोजड़ी भी थी। मारवाड़ की ये फैंस मोजड़ी वे अपनी बेटी सोनम को देना चाहते थे। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था। बेटे से मिलने जा रहे थे दंपती हादसे में सांचौर के दंपती की भी मौत हो गई है। सांचौर के लियादरा गांव निवासी फगलूराम (75) पुत्र हेमाराम बिश्नोई का पैर कटकर अलग हो गया। उनकी पत्नी हाऊ देवी (65) का सिर धड़ से कटकर अलग हो गया। दोनों के शव बुरी तरह बस से दब गए थे। फगलूराम अपनी पत्नी के साथ बेटे के परिवार से मिलने के लिए अजमेर जा रहे थे। बस में सवार हरी गुर्जर ने बताया कि वह सांचौर से जयपुर जा रहे थे। सफर के दौरान सो रहे थे। अचानक तेज झटका लगा और बस पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों ने शीशे तोड़कर किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई। हादसे की ये खबर भी पढ़ें… पत्नी का सिर धड़ से अलग, पति का पैर कटा:स्लीपर बस पलटी, दंपती सहित 3 की मौत; स्टीयरिंग छोड़ पान मसाला मिला रहा था ड्राइवर टोंक जिले में जिस जगह रहस्यमयी घड़ा मिला है, वहां ग्रामीण रातभर जेसीबी से गड्‌ढे करके चोरी-छिपे खजाना तलाशते रहे। घड़े वाले गड्‌ढे को दोबारा जेसीबी से खोदा गया था। उससे 50 मीटर दूर एक और 6 फीट का गड्‌ढा खोदा गया था। सोमवार सुबह ग्रामीण पहुंचे तो घटना के बारे में पता चला। (पढ़ें पूरी खबर)

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