चार महीने बाद पोटली में मिली भाई की अस्थियां:पिता रोने लगे, भाई की आंखें नम हुई; पाली में गमगीन माहौल में किया अंतिम संस्कार

पाली में 4 महीने बाद भाई की अस्थियां की पोटली मिली तो परिजनों की आंखें नम हो गई। भाई रोने लगा और बुजुर्ग माता- पिता बेसुध हो गए। गमगीन माहौल में हिन्दू सेवा मंडल में अंतिम संस्कार करने की रस्म निभाई। इस दौरान मृतक ललित सैन के पिता हरिराम सैन, भाई भरत सहित परिवार और परिचितों की मौजूदगी रही। दरअसल, पाली शहर के इंद्रा कॉलोनी में बांडी नदी की रपट पर 6 सितम्बर को गणपति प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम था। इस दौरान इंद्रा कॉलोनी निवासी ललित सैन(26) और उसका दोस्त विजय सिंह(28) गणपति प्रतिमा विसर्जन करते समय पानी के तेज बहाव में बह गए थे। 2 दिन बाद विजय की बॉडी मिल गई थी, लेकिन SDRF सहित स्थानीय गोताखोरों के प्रयास के बाद भी ललित की बॉडी नहीं मिल पाई थी। 11 सितम्बर को नदी में मिली थी खोपड़ी-हड्डियां
11 सितम्बर को शहर के बांडी नदी में एक खोपड़ी और कुछ हड्डियां मिली थी। पुलिस ने उसे बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। आशंका थी कि यह खोपड़ी और हड्डियां नदी में बहे ललित सैन की हो सकती है। इस पर पुलिस ने 12 सितम्बर को ललित के पिता हरिराम सैन और मां का DNA सैंपल लेकर जांच के लिए जोधपुर लैब भेजा था। करीब डेढ़ महीने बाद 4 जनवरी 2026 को रिपोर्ट आई। सामने आया कि डीएनए सैंपल मैच हो गया है और नदी में जो हड्डियां और खोपड़ी मिली, वह नदी में डूबे ललित सैन की ही है। आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंपी अस्थियां
सोमवार को मृतक ललित के परिजन बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी पहुंचे, जहां टीपी नगर थाना पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद ललित की अस्थियां और खोपड़ी उसके भाई भरत को सौंपी। इसके बाद अंतिम संस्कार की कार्रवाई पूरी की गई। यह खबर भी पढ़ें- DNA रिपोर्ट में खुलासा, नदी में मिली हड्डियां-खोपड़ी ललित की:पाली में 4 महीने पहले गणपति प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी में बह गया था

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *