राजस्थान के तीन कांग्रेस सांसदों के हरियाणा में MP फंड से विकास काम करवाने की सिफारिश पर विवाद हो गया है। झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र ओला, चूरू सांसद राहुल कस्वां और भरतपुर सांसद संजना जाटव ने एमपी फंड से हरियाणा के कैथल क्षेत्र में विकास कामों की सिफारिश की। बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने इसे राजस्थान की जनता के साथ धोखा बताते हुए तल्ख कमेंट किए हैं। अमित मालवीय ने एमपी फंड से विकास कामों की सिफारिश से जुड़े आंकड़े और ब्योरा शेयर करते हुए एक्स पर लिखा- कांग्रेस से बड़ी कोई धोखेबाज पार्टी नहीं हो सकती। इस बार राजस्थान के लोग निशाने पर हैं। राजस्थान के करदाताओं के पैसे का खुला दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस के तीन सांसद- संजना जाटव (भरतपुर), राहुल कसवां (चूरू) और बृजेंद्र सिंह ओला (झुंझुनूं) ने अपने एमपीएलएडी फंड हरियाणा के कैथल विधानसभा क्षेत्र में खर्च करने की सिफारिश की है, जो कि कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के बेटे का निर्वाचन क्षेत्र है। यह सब केवल पिछले 3-4 महीनों में हुआ है। रणदीप सुरजेवाला के बेटे के विधानसभा क्षेत्र में सांसद फंड से विकास कामों की सिफारिश, तीन सासंदों ने 1 करोड़ से ज्यादा के विकास कामों की सिफारिश कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला हरियाणा की कैथल विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं। इस इलाके में राजस्थान के सांसदों के सांसद फंड( एमपीलैड) से विकास कामों की सिफारिश की गई है। राहुल कस्वां ने 50 लाख के 7 कामों की सिफारिश की है। बृजेंद्र ओला ने 24.71 लाख के 4 कामों की और संजना जाटव ने 45.55 लाख के 6 कामों की सिफारिश की है। लोकसभा सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर साल में एक बार देश में कहीं भी 25 लाख तक के काम की सिफारिश कर सकते हैं एमपीलैड की गाइडलाइन के अनुसार लोकसभा सांसद देश के किसी भी इलाके में साल में एक बार 25 लाख तक के विकास कामों की सिफारिश कर सकता है। एमपीलैड के तहत अभी 5 करोड़ रुपए सालाना के विकास काम करवाए जा सकते हैं। एमपीलैड की गाइडलाइन के हिसाब से ही पैसा रिलीज होता है। गाइडलाइन के खिलाफ होने पर सांसद की सिफारिश रद्द भी हो सकती है। अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर लोकसभा सांसद सालाना 25 लाख के काम करवाने की सिफारिश कर सकते हैं। राज्यसभा सांसद के लिए कोई सीमा नहीं है, वे देश भर में कहीं भी विकास कामों की सिफारिश कर सकते हैं।


