कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को बालोतरा में जिला परिषद एवं पंचायत समिति के पुनर्गठन के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बालोतरा कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया, राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। दोनों जिलों में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी यह विरोध प्रदर्शन कुछ दिन पहले बालोतरा जिले में जिला परिषद व ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के बाद हो रहा है। हाल ही में बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं का भी पुनर्गठन किया गया, जिसमें गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र के धोरीमन्ना को बालोतरा जिले में और बायतु क्षेत्र को बाड़मेर जिले में शामिल किया गया। इस फैसले के बाद दोनों जिलों में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं। राजनीतिक दबाव में पुनर्गठन करने के आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियंका मेघवाल ने बताया- ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने जिला परिषद एवं पंचायत समिति के वार्डों के पुनर्गठन व पुनर्सीमांकन के प्रस्ताव तैयार कर अंतिम प्रकाशन के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पुनर्गठन राजनीतिक दबाव में अनुचित तरीके से किया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी असंतोष है। किसी विशेष पार्टी को लाभ पहुंचाने का आरोप पूर्व विधायक मदन प्रजापत ने कहा- प्रस्तावित पुनर्गठन में एकरूपता और न्यायसंगत आधार की कमी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ वार्डों में मात्र 3,000 मतदाता हैं, जबकि अन्य में 8,000 से ज्यादा मतदाता शामिल किए गए हैं। प्रजापत ने आरोप लगाया कि यह पुनर्सीमांकन किसी विशेष जाति या पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। इस प्रदर्शन में सिवाना प्रधान मुकन सिंह राजपुरोहित, सुनील परिहार, रतन खत्री, मेहबूब खां सिन्धी, रशीदा बानो, लक्ष्मण, ठाकराराम जाट, गिरधारी चौधरी, खेराजराम हुड्डा, राजूराम गोल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


