इंदौर में परिवहन विभाग ने 7 बसें जब्त कर ली हैं। इनमें 3 स्लीपर कोच बसें शामिल हैं। बसों में गंभीर खामियां पाई गईं हैं। अब इनके परमिट निरस्त किए जाएंगे। सोमवार को तीन इमली बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में फायर मानकों और आपातकालीन निकास के इंतजाम को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया था। एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि इन बसों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और पंजीयन के अनुसार निर्धारित बैठक क्षमता का पालन नहीं किया था। इसके चलते संबंधित स्लीपर कोच बसों के पंजीयन, फिटनेस और परमिट निरस्त करने के लिए मूल पंजीयन प्राधिकारी और संबंधित आरटीओ को पत्र लिखा जा रहा है। एक बस बिना वैध परमिट के संचालन करते हुए पाई गई, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। जबकि एक बस का परमिट निरस्त किया है। निरीक्षण के दौरान पंजीयन और परमिट के अनुसार निर्धारित बैठक क्षमता में भी विसंगति पाई गई। इस आधार पर संबंधित बसों के पंजीयन और परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। एआरटीओ राजेश गुप्ता ने बताया आगे भी जांच जारी रहेगी। हमने बस संचालकों से कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वैध दस्तावेज, अग्नि सुरक्षा उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य निर्धारित मानकों की पूर्ति सुनिश्चित करने के बाद ही वाहनों का संचालन करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह है अग्नि सुरक्षा मानक
परिवहन विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर 2023 के बाद पंजीकृत डीलक्स बसों में FDSS (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) तथा डीलक्स बसों और स्कूली वाहनों में FAPS (फायर अलार्म एंड प्रोटेक्शन सिस्टम) अनिवार्य किया गया है। जबकि 1 अक्टूबर 2023 से पहले पंजीकृत वाहनों में निर्धारित वजन का सीजफायर, तय संख्या में इमरजेंसी एग्जिट और आपात स्थिति में कांच तोड़ने के लिए हैमर होना अनिवार्य है। जब्त की गई 3 स्लीपर बसों में ये व्यवस्थाएं नहीं मिली।


