छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दौरे पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मनरेगा को लेकर वर्तमान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले दो साल से मनरेगा के काम बंद पड़े हैं, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग को भारी परेशानी हो रही है। दरअसल, सोमवार दोपहर 2 बजे बालोद जिले के गुंडरदेही विधानसभा अंतर्गत ग्राम सिकोसा में मरार समाज के शाकंभरी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर विवादित बयान दे दिया। भूपेश बोले- मजदूरों को काम मिला तो सोशल डिस्टेंसिंग याद आई उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने मनरेगा के माध्यम से मजदूरों और गरीबों को काम दिया, ताकि लोगों के पास रोजगार मिल सके। लेकिन उस समय कुछ लोग यह कहकर हाईकोर्ट तक चले गए कि मनरेगा के कामों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जब पति-पत्नी एक ही घर में रहते हैं तो क्या वहां सोशल डिस्टेंसिंग होती है? लेकिन जैसे ही मजदूर मनरेगा में काम करने जाते हैं, तब सोशल डिस्टेंसिंग की बात उठाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कोर्ट का सहारा लेकर मनरेगा के काम रुकवाए। आज स्थिति यह है कि प्रदेश में दो साल से मनरेगा के काम ठप पड़े हैं और इसका सबसे ज्यादा नुकसान गरीब, मजदूर और ग्रामीणों को हो रहा है। भूपेश बघेल ने मंच से सरकार को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने संकट के समय जनता के साथ खड़े होकर काम दिया, जबकि मौजूदा सरकार रोजगार देने के बजाय राजनीति कर रही है।


