आनासागर झील में फेंके कांटे में फंसे दो पेलिकन:जख्मी गर्दन और पंख का उपचार कराकर फिर झील में छोड़ा

अजमेर में वन विभाग की टीम ने रविवार को आनासागर झील में कांटे में फंसे दो प्रवासी साइबेरियन पक्षी (पेलिकन) का रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई। इसमें राजस्थान कोबरा टीम के संस्थापक सुखदेव भट्ट व सदस्य अनुज त्रिपाठी का भी सहयोग रहा। झील में मछुआरे द्वारा फेंके गए कांटे में दो पेलिकन के फंसे होने की सूचना वन अधिकारियों को मिली। मुख्य वन संरक्षक एसपी सिंह के निर्देश व उप वन संरक्षक सुगनाराम जाट के नेतृत्व में तत्काल रेस्क्यू टीम को रवाना किया गया। टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी टीकमचंद, नौसर वननाका प्रभारी सीताराम चौधरी तथा राजस्थान कोबरा टीम के संस्थापक भट्ट व सदस्य त्रिपाठी शामिल थे। करीब दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कांटे में फंसे दोनों पेलिकन को रेस्क्यू किया। पशु चिकित्सालय ले जाकर कराया उपचार इनके गर्दन और पंख जख्मी हो गए थे। दोनों को शास्त्रीनगर स्थित पशु चिकित्सालय ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में इन्हें फिर से झील में छोड़ दिया गया। नाकाप्रभारी चौधरी ने बताया कि ये प्रवासी पक्षी पानी के बिना नहीं रह सकते हैं। इसीलिए उपचार के बाद इन्हें झील में छोड़ दिया गया। दोनों स्वस्थ्य हैं। इनका प्रमुख भोजन मछलियां होती है। अगर रेस्क्यू में कुछ देरी हो जाती थी तो संभवतः इनकी मौत हो जाती। उल्लेखनीय है कि पेलिकन पक्षी आनासागर में प्रवासी पक्षियों के रूप में आते हैं। इनका वजन 14 से 15 किलो होता है। यह प्रवासी पक्षियों में सबसे भारी भरकम प्रवसी पक्षी हैं।’

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