मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश 2025 में सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला देश का तीसरा राज्य बना है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में लाभ का सौदा है। देश के मध्य में होने के कारण मध्यप्रदेश व्यापार, व्यवसाय, उद्योग-धंधे और स्टार्ट-अप्स लगाने से लेकर अपने उत्पाद को निर्यात करने के लिए एक केंद्र बन रहा है। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है। दोनों राज्यों में आईटी सेक्टर के उद्योग स्थापित हों, इसके लिए हमारी सरकार राजस्थान के साथ मिलकर काम करेगी। पिंक सिटी जयपुर में राजस्थान डिजीफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजस्थान के मारवाड़ी व्यापारी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि हमारा प्रदेश आज देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां प्राकृतिक संसाधन, उद्योग-अनुकूल नीतियां, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और सहयोगी सरकार सभी निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट के मध्यप्रदेश सेशन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के सभी सेक्टर्स में लगातार आगे बढ़ रहा है। पिछले दो साल में हमने प्रदेश में दो नए टाइगर रिजर्व बनाए हैं। मध्यप्रदेश टाइगर और वल्चर स्टेट तो है ही, हमारी धरती पर चीता भी तेजी से अपना कुनबा बढ़ा रहा है। व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की शुरुआत की है। जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को गति मिलेगी और हमें पर्याप्त संख्या में डाक्टर्स भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को विश्वास दिलाया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। निवेशक मध्यप्रदेश में अपना व्यापार-व्यवसाय स्थापित करेंगे, तो हम सभी को पूरा सहयोग करेंगे। राजस्थान हमारा सहोदर भाई है। दोनों राज्यों में आईटी सेक्टर के उद्योग स्थापित हों, इसके लिए हमारी सरकार राजस्थान के साथ मिलकर काम करेगी। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने निवेशकों, स्टार्ट-अप और युवाओं के लिए अधिक अवसर प्रदान करने के लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर दिया। ‘टियर 2 टेक्नालाजी में जयपुर के साथ इंदौर और भोपाल शामिल’ अपर मुख्य सचिव, विज्ञान एवं तकनीकी संजय दुबे ने निवेशकों से कहा कि देश में टियर 2 सिटी टेक्नोलॉजी सेक्टर में लीडर बनकर उभर रही हैं। इनमें जयपुर, इंदौर और भोपाल भी शामिल हैं। टीयर 1 सिटीज में ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी समस्याएं होती हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी नई नीतियों में उद्योग-व्यापार को सहज-सरल बनाने पर ध्यान दिया गया है। प्रदेश में आईटी सेक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 30 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकार ड्रोन टेक्नोलॉजी सेक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 34 करोड़ और सेमी कंडक्टर में 100 करोड़ निवेश करने पर 38 करोड़ सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। सीईओ इम्पेटस टेक्नोलॉजीज संजीव अग्रवाल ने कहा कि वे पिछले 32 वर्षों से मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं। उस समय राज्य में आईटी इको सिस्टम की शुरुआत हो रही थी। आज राज्य वैश्विक ग्राहकों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। ‘एक बार व्यवस्थित होने के बाद गति पकड़ लेता है उद्योग’ सह-संस्थापक इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज सिद्धार्थ सेठी ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। जहां विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की स्थापना हुई थी। इंदौर का आईटी पार्क दिन-प्रतिदिन तेज गति से विकसित हो रहा है। ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी समर्पित नीतियां सरकार की दूरदर्शी सोच और भविष्यपरक दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। सह-संस्थापक यश टेक्नोलॉजीज धर्मेंद्र जैन ने कहा कि वर्तमान में इंदौर में कंपनी के 1,500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। यहां समय पर वरिष्ठ अधिकारियों से मिलना और सीधा संवाद करना संभव है। सरकार द्वारा निर्मित मजबूत औद्योगिक इको सिस्टम का ही परिणाम है कि एक बार व्यवस्थित हों जाने के बाद उद्योग स्वतः गति पकड़ लेता है और निरंतर विकास करता है। निदेशक क्लिनिसप्लाइज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रेरिता बाहेती ने मध्यप्रदेश में क्लिनिसपलाइज के तेजी से विस्तार पर जोर दिया, जिसमें उज्जैन के विक्रमादित्य मेडिकल डिवाइस पार्क में 100 करोड़ की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शामिल है, जिससे 1,000 से ज्यादा रोजगार सृजित होंगे। ‘री साइक्लिंग फ्यूचर प्रोग्रेस इंडस्ट्री’ राजस्थान के उद्योगपति रजत अग्रवाल, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड ने रीसाइकलिंग को एक भविष्य-उन्मुख उद्योग के रूप में बताया, जो पर्यावरणीय स्थिरता को आर्थिक विकास के साथ जोड़ता है। कार्लिना मारानी, मैनेजिंग डायरेक्टर, एक्सेंचर ने एडवांस्ड डिजिटल स्किल्स की वैश्विक कमी और जैसे क्षेत्रों में विशेष टैलेंट की बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत के टियर-2 शहर, मजबूत टैलेंट पूल, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहतर जीवन स्तर के साथ, भविष्य में टेक्नोलॉजी से होने वाली ग्रोथ में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में विस्तार के अवसरों को तलाशने में रुचि दिखाई। सीएम ने सीईओ और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों और दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। दुबई के TECOM ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष अम्मार अल मलिक के साथ हुई चर्चा दुबई के सफल डिजिटल क्लस्टर मॉडल से प्रेरणा लेते हुए संस्थागत सहयोग पर केंद्रित रही।


