कॉलेज फर्जीवाड़ा:शिवशक्ति कॉलेज संचालक के 5 कॉलेज जिनमें न शिक्षक न प्राचार्य, एफआईआर हुई तो जेयू इन सभी की जांच कराएगा

शिवशक्ति कॉलेज झुंडपुरा बिना बिल्डिंग के 14 साल से संचालित हो रहा था। इसका फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद ईओडब्ल्यू ने जेयू के कुलपति प्रो.अविनाश तिवारी सहित 17 प्रोफेसरों पर एफआईआर दर्ज की थी। बिना बिल्डिंग के कॉलेज को संबद्धता के साथ-साथ यहां के 1100 से अधिक छात्रों की स्कॉलरशिप में करोड़ों का घपला होने की बात कही जा रही है। इस फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद शिकायत कर्ता अरुण शर्मा द्वारा पूर्व में की गई शिकायत को संज्ञान में लिया है। अब रघुराज सिंह जादौन द्वारा संचालित पांचों कॉलेजों की जांच कराने की बात जेयू के रजिस्ट्रार ने कही है। आरोपी के पांचों कॉलेज में न शिक्षक हैं न प्राचार्य। छात्र सिर्फ एग्जाम देने के लिए आते हैं। इन कॉलेज की भी होगी जांच भरैव शिक्षा प्रसार समिति जेयू से संबद्ध 5 कॉलेजों का संचालन कर रही है। इसमें सबलगढ़ के झुंडपुरा में शिवशक्ति कॉलेज, पहाड़गढ़ में सुभाष चंद्र बोस कॉलेज, गुलालई में महाराणा प्रताप कॉलेज, वीरपुर में डॉ. बीआर आंबेडकर कॉलेज व सतनवाड़ा, बैराड़, शिवपुरी में शिवशंकर कॉलेज संचालित हो रहा है। अरुण शर्मा का कहना है कि डेढ़ साल के दौरान यहां कई फर्जी कॉलेज सिर्फ सिटी ऑफिस के नाम पर चल रहे हैं। राष्ट्रपति-पीएम तक से शिकायतें शिवशक्ति कॉलेज, झुंडपुरा कॉलेज 14 साल से बिना बिल्डिंग, फर्जी प्रिंसिपल के साथ संचालित हो रहा था। कॉलेज संचालक रघुराज सिंह जादौन ने डॉ. अरुण शर्मा को बिना इंटरव्यू दिए हैं। प्रिंसिपल नियुक्त कर दिया था। इसको लेकर अरुण शर्मा ने 21 माह में 65 शिकायतें कीं। यह शिकायतें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री से की फिर भी जेयू ने इस कॉलेज के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। सिटी ऑफिस में 3 कॉलेज 2 स्कूल कलेक्टर के निर्देश पर हाल ही में एसडीएम अरविंद माहौर शिवशक्ति कॉलेज, महाराणा प्रताप कॉलेज की जांच करने गए थे, लेकिन टीम को यहां कुछ भी नहीं मिला। एसडीएम ने सिटी ऑफिस को सील कर दिया था। सिटी ऑफिस से महाराणा प्रताप कॉलेज, गुलालई व डॉ. आंबेडकर कॉलेज संचालित होता था। इसके अलावा श्रीगणेश संस्कृत विद्यालय वीरपुर,विवेकानंद संस्कृत विद्यालय सबलगढ़ भी संचालित होता था। विवादित संचालक के सभी कॉलेज की होगी जांच शिवशक्ति कॉलेज संचालक के 5 कॉलेज संचालित होने का मामला संज्ञान में आया है। अब सभी कॉलेजों की जांच कराई जाएगी। जिससे सच्चाई सामने आ सके। -डॉ. अरुण चौहान, कुलसचिव, जेयू

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