ओमान में फंसी भारतीय लड़कियों का दर्द आया सामने:विदेश मंत्रालय की मदद से 5 पीड़िताएं सुरक्षित भारत लौटीं, सुल्तानपुर लोधी पहुंचकर सुनाई आपबीती

ओमान में फंसी करीब 70 भारतीय लड़कियों के मामले में विदेश मंत्रालय की तत्परता से बड़ी राहत सामने आई है। पीड़ित लड़कियों द्वारा लिखे गए पत्र के बाद केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से अब तक 5 लड़कियों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है। इन्हीं में से एक पीड़िता आज पंजाब के सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंची, जहां उसने मीडिया और संगत के सामने अपनी आपबीती बताई पीड़िता ने खुलासा किया कि उसे बेहतर नौकरी और खुशहाल जिंदगी के झूठे सपने दिखाकर विदेश भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद हालात बेहद भयावह निकले। सुल्तानपुर लोधी पहुंची पीड़िता ने बताया कि ओमान में फंसी लड़कियों की हालत बेहद दयनीय है। उसने कहा कि उसे वहां फंसाने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना रिश्तेदार था, जिस पर उसने आंख मूंदकर भरोसा किया। रिश्तेदार ने उसे विदेश में अच्छी नौकरी, ज्यादा सैलरी और सुरक्षित जीवन का लालच दिया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन ओमान पहुंचते ही सच्चाई सामने आ गई। लड़कियों का होता है शोषण पीड़िता ने बताया कि वहां लड़कियों को न तो वैसा काम दिया जाता है, जैसा बताया जाता है और न ही उन्हें स्वतंत्र रूप से रहने की इजाजत होती है। कई बार उन्हें जबरन काम कराया जाता है, पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में रख लिए जाते हैं, ताकि वे वापस न आ सकें। उसने कहा कि मानसिक और शारीरिक शोषण का डर हर वक्त बना रहता है और मदद मांगने का कोई रास्ता नहीं होता। 70 भारतीय लड़कियां अलग-अलग जगहों पर फंसी पीड़िता के अनुसार, ओमान में अभी भी करीब 70 भारतीय लड़कियां अलग-अलग जगहों पर फंसी हुई हैं, जिनमें ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के अन्य राज्यों से हैं। ये लड़कियां गरीब या मध्यमवर्गीय परिवारों से आती हैं जो अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के सपने लेकर विदेश जाती हैं। लेकिन एजेंट और तस्कर इसी मजबूरी का फायदा उठाते हैं। पीड़िता ने यह भी बताया कि जब हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए, तब किसी तरह भारत में मौजूद सामाजिक संगठनों और विदेश मंत्रालय तक उनकी आवाज पहुंची। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने ओमान स्थित भारतीय दूतावास की मदद से कार्रवाई की और पांच लड़कियों को सुरक्षित वापस लाया गया। भारत लौटने के बाद पीडि़ताओं ने राहत की सांस ली, लेकिन उनके मन में वहां फंसी बाकी लड़कियों की चिंता अब भी बनी हुई है। निर्मल कुटिया में पहुंचकर पीड़िता ने लोगों से की अपील निर्मल कुटिया पहुंचकर पीड़िता ने पंजाब के लोगों, खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों से भावुक अपील की। उसने कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह रिश्तेदार ही क्यों न हो, अगर विदेश में नौकरी या बसाने का लालच दे, तो पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें। बिना सरकारी दस्तावेज, वीजा और अधिकृत एजेंसी के माध्यम से विदेश न जाएं। फर्जी ट्रैवल एजेंटों और मानव तस्करी करने वालो के खिलाफ हो कार्रवाई पीड़िता ने सरकार और प्रशासन से भी मांग की कि ऐसे फर्जी ट्रैवल एजेंटों और मानव तस्करी करने वाले गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उसने लोगों से आग्रह किया कि अगर कहीं भी ऐसे फ्रॉड या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराएं। इससे न केवल दोषियों पर कार्रवाई होगी, बल्कि कई मासूम लड़कियों को शोषण का शिकार होने से बचाया जा सकेगा।

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