भास्कर न्यूज | जालंधर जिला प्रशासन द्वारा सड़कों पर बेसहारा पशुओं को गौशाला पहुंचाने की व्यवस्था को बढ़ाया जा रहा है। करतारपुर में नई गौशाला में करीब 1000 पशुओं को रखने की व्यवस्था होगी, जो इसी महीने में शुरू हो जाएगी। वहीं, शाहकोट की गौशाला में पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए 150 पशुओं की अतिरिक्त क्षमता वाली नई शेड का निर्माण किया जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से अप्रैल 2025 से लेकर जनवरी 2026 तक 350 से ज्यादा बेसहारा पशुओं को विभिन्न सड़कों, चौकों और हाईवे से पकड़कर गौशालाओं में पहुंचाया है। जिला प्रशासन का दावा है कि करतारपुर और शाहकोट की यह योजनाएं पूरी होने के बाद न सिर्फ पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सड़कों पर राहत महसूस होगी। इसके अलावा जिले में 31 मार्च से पहले सड़कों को पशुओं से मुक्त करना भी लक्ष्य रखा गया है। करतारपुर में बन रही नई गौशाला को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यहां पशुओं के लिए पर्याप्त शेड, पीने के साफ पानी, हरा चारा और पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रशासन का कहना है कि 1000 पशुओं की क्षमता वाली यह गौशाला जिले की सबसे बड़ी गौशालाओं में शामिल होगी। इससे आसपास के इलाकों से बेसहारा पशुओं को यहां लाकर सुरक्षित रखा जा सकेगा। शाहकोट की गौशाला में पहले से ही 900 से ज्यादा पशुओं को रखा गया है। यहां पर 150 पशुओं की क्षमता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रस्ताव और ग्रांट को जल्द मंजूरी दी जा रही है। वहां पहले से मौजूद पशुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और नए पशुओं को भी समायोजित किया जा सकेगा। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक शैड निर्माण का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा।


