वेतन न मिलने से परेशान धनौला नगर कौंसिल के कर्मचारियों ने दिया धरना, की नारेबाजी

भास्कर न्यूज | धनौला नगर कौंसिल धनौला में कर्मचारियों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। कौंसिल कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार और कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान हालात इतने गंभीर दिखे कि कर्मचारियों का दर्द शब्दों में नहीं, आक्रोश में फूट पड़ा। कर्मचारी नेताओं बूटा सिंह और चंचल कुमार ने बताया कि नगर कौंसिल के पंप ऑपरेटर और सफाई कर्मचारियों को पिछले आठ महीनों से वेतन नहीं मिला, जबकि कुछ कर्मचारियों को चार माह से एक भी तनख्वाह नसीब नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की बेरुखी ने कर्मचारियों को भुखमरी के कगार पर ला खड़ा किया है। नेताओं ने बताया कि हालात इतने बदतर हैं कि कर्मचारी बाजार से उधार राशन लेने को मजबूर हैं। एक कर्मचारी की पत्नी की डिलीवरी हुई, लेकिन इलाज और अस्पताल के लिए पैसे नहीं थे। वहीं एक अन्य कर्मचारी की माता का देहांत हो गया, परंतु अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी तक के पैसे नहीं जुटा सका। यह हालात किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरी नगर कौंसिल के कर्मचारियों की सच्चाई बयां करते हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्यकारी अधिकारी कभी-कभार चुपचाप दफ्तर आकर निकल जाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने या हल करने की उन्हें कोई परवाह नहीं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद न वेतन जारी हुआ और न ही कोई ठोस आश्वासन मिला। धरने के दौरान नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार या प्रशासन के किसी भी नुमाइंदे ने इस गंभीर मामले का तुरंत संज्ञान नहीं लिया, तो कर्मचारी संघर्ष को और तेज करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आने वाले आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पंजाब सरकार की होगी।

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