प्रदेश के 2800 करोड़ के शराब घोटाले में ईडी ने फाइनल कंपलेन पेश कर दी है। ईडी के मुताबिक, रिटायर आईएएस निरंजन दास, आबकारी विभाग के 30 अफसरों की 38 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई हैं। इनमें से ज्यादातर अब भी नौकरी में हैं। घोटाले के लिए सिंडिकेट बनाया गया था। घोटाले में अधिकारियों, नेताओं और कारोबारी समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 81 को आरोपी बनाया गया। इनसे जुड़ी 382.32 करोड़ रुपए की 1041 संपत्तियां अटैच की गई हैं। इसके अलावा ईडी ने मैसर्स छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज लिमिटेड, मैसर्स भाटिया वाइन मर्चेंट प्राइवेट लिमिटेड (बोडलापुर/मंडल) और मैसर्स वेलकम डिस्टिलरीज़ प्राइवेट लिमिटेड (उदयपुर) की 68.16 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गई हैं। ईडी का दावा है कि घोटाले में शामिल कुछ अफसरों पास वेतन से 100 गुना अधिक आय के प्रमाण मिले हैं। 15 जिलों में पदस्थ अधिकारियों का 90 करोड़ का घोटाला
ईडी के अनुसार सिंडिकेट ने 15 जिले चुने थे, जहां अपनी पसंद से अफसरों की पोस्टिंग कराई गई। इसमें पूर्व आयुक्त निरंजन दास को 18 करोड़, इकबाल को 12 करोड़, नोहर सिंह को 11 करोड़, नवीन प्रताप सिंह को 6.7 करोड़, राजेश जायसवाल को 5.79 करोड़, अनिमेष को 5.28 करोड़, दिनकर वासनिक, गंभीर सिंह, अरविंद, आशीष कोसम, अनंत सिंह, सौरभ बक्शी, प्रकाश पाल, गरीबपाल सिंह, मोहित जायसवाल को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई।


