जयपुर | साल-2026 के पहले सोम पुष्य नक्षत्र पर सोमवार को शहर में मोती डूंगरी गणेशजी सहित अन्य मंदिरों में प्रथम पूज्य का पंचामृत अभिषेक किया गया, जबकि नहर के गणेशजी के दुर्वा मार्जन अभिषेक किया गया। खासतौर से भक्तों को स्वास्थ्य की कामना करते हुए हल्दी की गांठ, सुख-समृद्धि के लिए सिंदूर और चारों दिशाओं में रक्षा के लिए रक्षासूत्र प्रसाद स्वरूप वितरित किए गए। मोती डूंगरी श्रीगणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में सुबह पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक के लिए 151 किलो दूध, 21 किलो दही, 54 किलो घी, 21 किलो बूरे और शहद को मिलाकर 201 किलो पंचामृत बनाया गया। इसके अलावा केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र व गुलाब इत्र से भी गणेशजी महाराज का अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान अथर्वशीर्ष मंत्रोच्चारण के साथ गणेशजी महाराज को 20 किलो हल्दी की गांठ अर्पित की गई। गणेशजी को सिंदूरी चोला चढ़ाया गया। इसके बाद स्वास्थ पूजन की इन हल्दी गांठों को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक मंदिर आने वाले 30 हजार से ज्यादा भक्तों में प्रसाद स्वरूप बांटा गया। साथ ही उनकी रक्षा के लिए रक्षा सूत्र भी बांधे गए और भगवान को चढ़ाए गए सिंदूर को श्रद्धालुओं को दिया गया। अथर्वशीर्ष मंत्रोच्चारण के साथ मोदकों का गणेशजी को भोग लगाया गया। शाम को फूल बंगला झांकी में गणेशजी महाराज को विराजमान किया गया। विशेष रूप से खीर का भोग लगाया गया।


