झांसी में जिला जेल के जेलर पर हमला करने वाले सुमित और अमित का बाप हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव जेल के अंदर से ही साम्राज्य चलाना चाहता था। उसने जेल के अंदर ही कुख्यात बदमाश अजय यादव उर्फ अजय जडेजा समेत कई बदमाशों के साथ मिलकर गैंग बना ली थी। गैंग के सदस्य जेल से ही फिरौती वसूलने की तैयारी में थे, लेकिन इसकी भनक जेल अधिकारियों को हो गई थी। इस पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने जिलाधिकारी के पास रिपोर्ट भेज दी। इसके बाद पिछले माह ही इन बदमाशों की जेल अचानक से बदल गई थी। कमलेश यादव को हमीरपुर शिफ्ट किया गया था। बेटों को शक था कि जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता की वजह से कमलेश की जेल बदली गई। दोनों ने दो अन्य बदमाशों के साथ मिलकर जेलर पर जानलेवा हमला कर दिया था। डेढ़ साल से झांसी जेल में बंद था कमलेश पिछले करीब डेढ़ साल से हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव झांसी जेल बंद था। अजय यादव, सरदार गुर्जर, विनोद जाट, शंकर समेत कई बदमाश भी उसी के साथ बंद थे। सभी जेल के इनर सर्किल नंबर सात में रखे गए थे। गोपनीय तरीके से दोस्ती करके गैंग बना लिया। जेल सूत्रों के मुताबिक पिछले लंबे समय से जेल में बंद होने की वजह से कमलेश की पहुंच जेल के हर हिस्से में हो गई थी। उसने अजय के साथ मिलकर छोटे-मोटे अपराध में जेल आने वाले बदमाशों को गुर्गा बना लिया। इनके सहारे कमलेश फिरौती जैसी वारदात की फिराक में था। जेल के भीतर भी इन बदमाशों ने गैर कानूनी काम शुरू कर दिए। इन बदमाशों तक मोबाइल फोन भी पहुंच गया था। इसकी भनक जेल अफसरों को लग गई। इसके बाद कमलेश यादव और विनोद जाट को हमीरपुर, शंकर एवं सरदार गुर्जर को उरई एवं अजय जडेजा को महोबा जेल भेज दिया था। हत्या की कोशिश का केस दर्ज झांसी में जिला जेल के जेलर पर हमला करने वाले हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव के दोनों बेटों सुमित और अमित को नामजद कर लिया है। उनके साथ दो अज्ञात बदमाश भी हमले में शामिल थे। जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता की तहरीर पर नवाबाद थाने में चारों के खिलाफ रास्ता रोककर हत्या की कोशिश करने, गाली गालौच व सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव की भूमिका की भी जांच कर रही है। ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद जा रहे थे जेलर जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता पिछले दो साल से झांसी में तैनात हैं। हैदराबाद में 16 से 20 दिसंबर तक जेलर कस्तूरी गुप्ता की जेल सुधार को लेकर ट्रेनिंग थी। उसमें हिस्सा लेने के लिए जेलर शनिवार को हैदराबाद जा रहे थे। वे ऑटो में सवार होकर स्टेशन जा रहे थे। साथ में जेल वार्डर अर्जुन सिंह भी था। जब उनकी ऑटो दोपहर 12:15 बजे डीआरएम ऑफिस के पास पहुंची तो सफेद रंग की कार ऑटो के आगे आकर खड़ी हो गई। इससे ऑटो रुक गया। कार से हिस्ट्रीशीटर कमलेश यादव के बेटे सुमित यादव और अमित यादव अपने दो साथियों के साथ नीचे उतरे। चारों ने गाली गलौच करते हुए ऑटो से जेलर व जेल वार्डर को बाहर खींच लिया। फिर जान से मारने की नियत से हमला कर दिया। हमले के बाद चारों कार से भाग गए। हमले में जेलर का हाथ फैक्चर हो गया था। हिस्ट्रीशीटर कमलेश पर दर्ज हैं 38 केस प्रेमनगर के पुलिया नंबर 9 निवासी कमलेश यादव हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। पुलिस के अनुसार, उसके ऊपर हत्या, लूट, डकैती समेत अन्य कई धाराओं में 38 मुकदमें विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पिछले डेढ़ साल से वह जेल में बंद है हालांकि अभी तक उसे किसी मामले में सजा नहीं सुनाई गई।


