सेफ सिटी परियोजना की संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट-डीपीआर-तैयार कर ली गई है। इस डीपीआर को अब आईआईटी को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। आईआईटी की मंजूरी के एक से डेढ़ महीने बाद टेंडर जारी होंगे। सेफ सिटी के तहत नोएडा के अलग-अलग 561 लोकेशन पर करीब 2100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना का करीब 212 करोड़ रुपए बजट है। अधिकारियों ने बताया कि पहले भी इस परियोजना को आईआईटी से मंजूरी मिल गई थी लेकिन कुछ बिंदु जोड़े जाने बाकी रह गए। अब इन बिंदुओं को जोड़ दिया गया है। इसमें मुख्य रूप से और बेहतर गुणवत्ता के कैमरे लगाए जाने, टेंडर प्रक्रिया और व्यापक करना जिससे की बड़ी एजेंसी भी प्रतिभाग कर सकें, एजेंसी की जवाबदेही समेत अन्य बिंदु शामिल हैं। इन सीसीटीवी कैमरों में नाइट विजन और फेस डिडक्शन जैसी मॉडर्न तकनीक होगी। इनकी मदद से अपराधियों पर शिकंजा कस सकेगा। बदमाशों का डाटा पहले से ही पुलिस के पास उपलब्ध है। अगर कोई वांछित अपराधी इन कैमरों के पास से गुजरता है, तो उसकी लाइव लोकेशन और पहचान तुरंत कंट्रोल रूम में दिख सकेगी। इसके अलावा कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट और उनमें बैठे लोगों की पहचान भी साफ तौर पर की जा सकेगी। अलग-अलग कलर में करेगा ब्लिंक
इस योजना के तहत पुलिस कंट्रोल रूम की तर्ज पर थाने चौकी में भी मॉनिटरिंग स्क्रीन लगाई जाएगी। इन स्क्रीन को कंट्रोल रूम से एक्सेस भी दिया जाएगा, जो वहां पर दो ही घटनाओं पर अलग-अलग कलर में ब्लिंक करेगा। पहली घटना जहां महिला अकेली खड़ी है और दूसरा जहां भीड़ भाड़ के कारण घटना होने की संभावना है। परियोजना के तहत शहर में सेव अवर सोल (एसओएस) भी लगाए गए है, जिसमें आपातकाल के समय आप तुरंत पुलिस को किसी भी घटना की जानकारी दे सकते हैं। 212 करोड़ का है प्रोजेक्ट
सेफ सिटी प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब 212 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये पैसा नोएडा प्राधिकरण खर्च करेगा। चयनित होने वाली कंपनी का काम सीसीटीवी कैमरों को इंस्टॉल करना, ऑपटिकल फाइबर लाइन डालना, पोल और उसकी मॉनिटरिंग की ट्रैनिंग देना होगा। इस को 6 से 9 महीने में पूरा किया जाएगा। संभवतः ये योजना 2025 तक पूरी होगी। पुलिस ने दी है 561 लोकेशन
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत जिन स्थानों की सूची पुलिस विभाग ने दी। उसमे बाजार, सरकारी निजी स्कूल, ब्लैक स्पाट और भीड़ भाड़ वाले इलाके मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड, मॉल्स के बाहर स्थान शामिल है। सेफ सिटी परियोजना के तहत गौतमबुद्ध नगर को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला नोएडा और दूसरा ग्रेटर नोएडा। यानी सीसीटीवी कैमरों का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों प्राधिकरण (नोएडा प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण) बनाएंगे। और इसका संचालन पुलिस विभाग की ओर से किया जाएगा।


