भांखरपुर में डी-सिल्टिंग की आड़ में अवैध खनन का आरोप:ग्रामीणों ने काम रुकवाया, जेई बोले- नियमों के अनुसार हो रहा कार्य

पंजाब के मोहाली जिले के डेराबस्सी के गांव भांखरपुर में घग्गर नदी पर डी-सिल्टिंग की आड़ में कथित अवैध खनन का ग्रामीणों ने मंगलवार को कड़ा विरोध किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काम बंद करवा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि डी-सिल्टिंग के नाम पर गाद निकालने की अनुमति थी, लेकिन ठेकेदार भारी मशीनों से रेत निकाल रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है। डी-सिल्टिंग की अनुमति देने की मांग स्थिति बिगड़ने से पहले डेराबस्सी थाना प्रभारी सुमित मोर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में कई घंटों तक काम रुका रहा। ग्रामीणों ने चल रहे कार्य की निष्पक्ष जांच और नियमों के अनुसार ही डी-सिल्टिंग की अनुमति देने की मांग की। गाद निकालने का ठेका, मिट्टी निकाल रहे- ग्रामीण गांव भांखरपुर की सरपंच के पति जगप्रीत सिंह जग्गी ने आरोप लगाया कि डी-सिल्टिंग का ठेका केवल गाद निकालने के लिए दिया गया था, लेकिन यहां रेत का खनन किया जा रहा है। उन्होंने ठेकेदार से डी-सिल्टिंग के ठेके और संबंधित मंजूरी पत्र दिखाने की मांग की, ताकि काम की वैधता स्पष्ट हो सके। थाना प्रभारी सुमित मोर ने बताया कि ठेकेदार ने पंचायत और ग्रामीणों को डी-सिल्टिंग से जुड़े कागजात दिखाए हैं। माइनिंग विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे और पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखी। सरकार के दावों पर सवाल उठाए वहीं ड्रेनेज-कम-माइनिंग विभाग के जेई अनुज तोमर ने कहा कि काम सरकार द्वारा दिए गए ठेके और नियमों के अनुसार ही हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों के विरोध को गलत बताया और कहा कि आपत्ति होने पर उपायुक्त मोहाली के पास शिकायत की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन पर अवैध खनन रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सरकार के दावों पर सवाल उठाए।

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