धमतरी, छत्तीसगढ़ में आमजन को पोषणयुक्त आहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मिलेट्स महोत्सव का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर में ‘मिलेट्स मैन’ के नाम से विख्यात पद्मश्री डॉ. खादर वल्ली मुख्य वक्ता रहे। यह महोत्सव धमतरी जिले में मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती को जन-आंदोलन का रूप देने, किसानों की आय बढ़ाने और आमजन को पोषणयुक्त आहार की ओर प्रेरित करने के लिए आयोजित किया गया था। कलेक्टर अविनाश मिश्रा की विशेष पहल पर यह पहली बार कलेक्ट्रेट में संपन्न हुआ। कोदो, कुटकी, रागी के फायदे बताए गए डॉ. खादर वल्ली ने किसानों, जनप्रतिनिधियों और आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि मिलेट्स केवल भोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और आत्मनिर्भर खेती का आधार हैं। उन्होंने किसानों को बताया कि मिलेट्स की फसल कम पानी, कम लागत और कम रासायनिक खाद में तैयार होती है। यह सूखा, बाढ़ और जलवायु परिवर्तन जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर उत्पादन देती है, जिससे पारंपरिक धान की तुलना में जोखिम कम और मुनाफा अधिक होता है। पद्मश्री डॉ. खादर वल्ली ने यह भी बताया कि कोदो, कुटकी, रागी, ज्वार, बाजरा जैसे श्रीअन्न में फाइबर, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग और पाचन संबंधी समस्याओं में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। मिलेट्स का उत्पादन अपनाने का आह्वान डॉ. वल्ली ने किसानों से आह्वान किया कि वे रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक एवं जैविक तरीके से मिलेट्स का उत्पादन अपनाएं। इससे उन्हें स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ बाजार में बेहतर मूल्य भी प्राप्त हो सकेगा। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने जानकारी दी कि जिले में मिलेट्स को कृषि नवाचार का केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। धमतरी के गंगरेल में न्यू ईयर फेस्ट संपन्न छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित गंगरेल बांध परिसर में आयोजित चार दिवसीय न्यू ईयर फेस्ट 2026 का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। इस उत्सव में उमंग, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही, जिसमें बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पर्यटन समिति, धमतरी द्वारा नववर्ष 2026 के स्वागत में यह भव्य आयोजन 1 जनवरी से 4 जनवरी तक किया गया था। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाला यह उत्सव अंतिम दिन देर रात तक जारी रहा। इस दौरान गंगरेल बांध परिसर उत्सवमय माहौल से सराबोर नजर आया। धमतरी सहित आसपास के जिलों से आए सैलानी हिंदी फिल्मी गीतों और छत्तीसगढ़ी लोकधुन ‘महुआ झरे’ की मधुर धुन पर झूमते दिखे। बच्चों, युवाओं और परिवारों ने इस आयोजन का भरपूर आनंद लिया। कलेक्टर ने कहा कि गंगरेल को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में यह न्यू ईयर फेस्ट एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के समापन पर अविनाश मिश्रा ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गंगरेल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय संस्कृति को मंच प्रदान करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आगामी वर्ष इस फेस्ट को और अधिक बड़े एवं भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा।


