परोदा और मर्दापाल के जंगलों के बीच भंवरडीह नदी किनारे का यह मनमोहक दृश्य पर्यटकों को अब लुभाने लगा है। नक्सली दहशत के कारण कई दशकों तक यहां कोई नहीं पहुंच पाया था। अब क्षेत्र में शांति कायम होते ही यह उभरकर सामने आया है। पर्यटन विभाग अब इस स्थान को ईको टूरिज्म के रूम में विकसित करने की योजना बना रहे हैं।


