चंडीगढ़ के सेक्टर-43 बस स्टैंड पर मंगलवार को पुलिस ने मॉकड्रिल करवाई। सुरक्षा व्यवस्था जांच के लिए बम होने की सूचना दी गई, तो हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस, बम स्क्वायड, फोरेंसिक टीम और ऑपरेशन सेल के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया गया और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस के मुताबिक सेक्टर-43 बस स्टैंड के अंदर बने डिपो नंबर-4 में सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए मॉक ड्रिल करवाई गई। इस दौरान सीटीयू की एक बस के अंदर बम होने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई थी। सूचना के बाद तुरंत बम स्क्वायड, फोरेंसिक टीम और ऑपरेशन सेल मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बस के अंदर मिला मॉक बम काफी देर तक चले ऑपरेशन के बाद बम स्क्वायड टीम ने सीटीयू बस के अंदर से मॉक बम को ढूंढ निकाला। इसके बाद बम को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज करने के लिए टीम अपने साथ ले गई। पूरे ऑपरेशन के दौरान बस स्टैंड और आसपास के इलाके को पूरी तरह सील रखा गया। इस पूरे ऑपरेशन की अगुआई ऑपरेशन सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर जसपाल सिंह कर रहे थे। चंडीगढ़ कोर्ट को दो बार मिल चुकी धमकी गौरतलब है कि चंडीगढ़ के सिविल कोर्ट सेक्टर-43 को लेकर दो बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। पहले सरकारी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की ई-मेल आईडी पर मेल आया था, जिसमें ड्रोन के जरिए बम गिराने की धमकी दी गई थी। इसके बाद सोमवार को फिर एक ई-मेल भेजकर पंजाब एडवोकेट्स सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। लगातार मिल रही धमकियों के चलते सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पुलिस का कहना है कि मॉक ड्रिल का मकसद किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना था। मामले को लेकर आगे भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।


