जिले के ग्राम पंचायत तोयलंका में करीब 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बनती नजर आ रही है। निर्माण के कुछ ही समय बाद पुलिया जगह-जगह से टूटने लगी है और उस पर दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिया पर अभी तक भारी वाहनों का आवागमन भी शुरू नहीं हुआ है, इसके बावजूद इसकी हालत जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार यह पुलिया एक छोटे नाले पर बनाई गई है, जिसका निर्माण जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के माध्यम से कराया गया था। शुरुआती दौर में ही पुलिया का इस तरह क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि घटिया सामग्री और लापरवाह निर्माण के कारण पुलिया टूट रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस पुलिया की तकनीकी जांच कराई जाती है तो निर्माण में बड़ी गड़बड़ी सामने आ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


