नीमच में सत्यम ज्वैलर्स के ताले खुले:100 करोड़ रुपए फंसे होने का आरोप, व्यापारी की मौत के बाद से बंद थी दुकान

नीमच में दिवंगत सर्राफा व्यापारी बहादुर सोनी से जुड़े करोड़ों की देनदारी के विवाद में मंगलवार को नया मोड़ आया। पुलिस ने सत्यम ज्वैलर्स की दुकान की सील खोली, जो बहादुर सोनी के निधन के बाद से बंद थी। यह कार्रवाई करोड़ों रुपए के निवेश और गहनों की अमानत से संबंधित विवाद की जांच के तहत की गई। दुकान को पहली बार बहादुर सोनी की पत्नी और पुत्री की मौजूदगी में खोला गया। कैंट पुलिस ने दुकान के भीतर रखे दस्तावेजों और स्टॉक की बारीकी से जांच शुरू की है। दुकान खुलने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में पीड़ित ग्राहक और निवेशक मौके पर जमा हो गए। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। दुकान के बाहर जमा निवेशकों का आक्रोश तब बढ़ गया जब पुलिस ने केवल परिवार के सदस्यों को अंदर जाने की अनुमति दी। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिससे उन्हें सबूतों के साथ छेड़छाड़ होने की आशंका है। उनका कहना है कि बहादुर सोनी पर भरोसा कर उन्होंने अपनी जीवन भर की पूंजी, सोना और नकदी जेवर बनवाने के लिए सौंपे थे। प्रारंभिक तौर पर 15 करोड रुपए की राशि निवेशकों की फसी हुई है। हालांकि शहर में इस मामले में 100 करोड़ से अधिक की राशि फसी होने की चर्चा है। कई निवेशकों ने अपनी बेटियों की शादी के लिए गहनों की एडवांस बुकिंग भी करवा रखी थी। बहादुर सोनी के निधन के बाद उनके परिवार और व्यापारिक साझेदार इस देनदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। पीड़ितों के पास फर्म के लेटर पैड पर लिखी रसीदें मौजूद हैं, लेकिन उन्हें अपनी अमानत वापस मिलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। पुलिस फिलहाल जांच कर रही है कि रजिस्टर में दर्ज रिकॉर्ड और ग्राहकों के दावों में कितनी सच्चाई है। नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान ने बताया कि सत्यम ज्वैलर्स की दोनों दुकानों को खोलकर दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इस दौरान उनके परिजन भी मौजूद थे। दस्तावेजों की जांच के बाद पूरे मामले की आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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