रेवाड़ी में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 19.30 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी निशिकांत मिश्रा के रूप में हुई है। इस मामले में तीन अन्य आरोपी पहले ही जेल में हैं। पुलिस को दी शिकायत में रेवाड़ी सेक्टर 4 निवासी अजीत सिंह ने बताया था कि 5 अगस्त 2025 को वह अपने मोबाइल पर ‘यश सिक्योरिटीज’ सर्च कर रहे थे। इसी दौरान उनके वॉट्सऐप पर एक लिंक आया, जिसमें खाता खोलने के लिए कहा गया। झांसा देकर ट्रांसफर कराए 19.30 लाख रुपए अजीत सिंह ने लिंक के जरिए अपनी आईडी बनाई। उन्हें शेयर मार्केट में पैसा निवेश करने पर बड़े मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में उन्होंने निवेश से मना किया, लेकिन बार-बार कहने पर उन्होंने अपनी पत्नी के खाते से पहले 5 हजार और फिर 10 हजार रुपए बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। उनके खाते में भारी मुनाफा दिखाया गया, जिसके बाद उनसे कई ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 19.30 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। जब अजीत सिंह ने अपना पैसा निकालने का प्रयास किया, तो उनसे 16 लाख 43 हजार 711 रुपए और जमा कराने को कहा गया। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। 3 आरोपियों को पहले किया गिरफ्तार साइबर थाना रेवाड़ी में ठगी का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पहले राजस्थान के दौसा निवासी महेंद्र सैनी, अलवर निवासी सुरेंद्र और सचिन गुर्जर को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में चौथे आरोपी निशिकांत मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। निशिकांत के जॉइंट बैंक खाते में ठगी की 14.25 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर हुई थी। पुलिस ने आरोपी निशिकांत मिश्रा को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।


