पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका खारिज:देवरिया में धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद, सीजेएम कोर्ट में हुई सुनवाई

देवरिया में धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में जिला कारागार में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को मंगलवार को अदालत से राहत नहीं मिली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने उनकी जमानत याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। मंगलवार को पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जिला कारागार से दीवानी न्यायालय परिसर लाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर न्यायालय परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्हें सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें विवेचक भी अदालत में उपस्थित रहे। पिछली सुनवाई के दौरान उन्हें साक्ष्यों के साथ तलब किया गया था। अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जमानत याचिका को लेकर अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीजेएम मंजू कुमारी ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका निरस्त कर दी। आदेश के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वापस जिला कारागार भेज दिया गया। अमिताभ ठाकुर देवरिया में दर्ज धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। यह मामला वर्ष 1999 से संबंधित बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद से ही पूर्व आईपीएस अधिकारी की ओर से यह दावा किया जाता रहा है कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायालय परिसर में कुछ देर तक हलचल बनी रही। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जिला कारागार में ही रहना होगा। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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