कोटा में लूट और चाकूबाजी के कारण बाल सुधार गृह में बंद दो बाल अपराधी भाग गए। जांच में सामने आया है कि 4 जनवरी को गार्ड ने ही उन्हें गेट की चाबी दी थी। इससे पहले रसोई में चाय और मैगी बनवाई थी। बाल अधिकारिता विभाग की जांच में तीन सिक्योरिटी गार्डों की लापरवाही और मिलीभगत मिली है। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज भी देखें है। बाल अपराधी 16-17 साल के है। दोनों को करीब 7 महीने पहले बाल सुधार गृह लाया गया था। बाल सुधार गृह के प्रभारी निशांत सिंह ने तीनों गार्डों के खिलाफ आरकेपुरम थाने में केस दर्ज करवाया है। पुलिस दो दिन से दोनों की तलाश कर रही है। जांच में गार्डों की लापरवाही आई सामने
बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारी रामराज मीणा ने बताया कि बाल अपराधी रावतभाटा रोड स्थित बाल सुधार गृह में थे। रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी दी गई है। सिक्योरिटी गार्ड की मिलीभगत सामने आ रही है। सिक्योरिटी गार्ड भंवरलाल, रामविलास और शिव प्रसाद ने 16-17 साल के बाल अपचारियों से 4 जनवरी को रसोई में चाय और मैगी बनवाई थी। लूट के मामलों में शामिल एक शातिर बाल अपचारी को सुरक्षा गार्ड ने बंदी गृह की चाबी दी थी। इसके बाद उसी बाल अपचारी के साथ बैठकर चाय भी पी थी। गार्डों के वहां से जाने के बाद नाबालिग ने ताला खोलकर अपने एक साथी को बाहर निकाला और दोनों फरार हो गए। बाल अधिकारिता विभाग ने सुधार गृह में लगे सीसीटीवी भी देखें है। फुटेज में बाल अपचारी को करीब आधे घंटे तक रसोई और परिसर में घूमते देखा गया। जबकि उन्हें किसी भी स्थिति में बाहर निकालने पर सख्त मनाही थी। वर्तमान में बाल सुधार गृह में 59 नाबालिग
बाल सुधार गृह अधीक्षक निशांत सिंह ने बताया कि वर्तमान में बाल सुधार गृह में 59 नाबालिग हैं। दोनों बाल अपचारी लूट और चाकूबाजी में दोषी होने पाए जाने बाल सुधार गृह लाया गया था। एक बाल अपचारी गुमानपुरा थाना क्षेत्र का और दूसरा उद्योग नगर थाना क्षेत्र का अपराधी है। सिंह ने बताया कि यहां पर लगे सिक्योरिटी गार्ड की वजह से ही ऐसी घटना घटित हुई है। पिछले साल मुझे यहां का एडिशनल चार्ज दिया था। तब भी दो बाल अपचारी सिक्योरिटी गार्ड को धक्का देकर फरार हो गए थे,जिन्हें पकड़ लिया गया था। फरार बाल अपचारियों की तलाश के लिए टीमें गठित
आरके पुरम थाना अधिकारी रामविलास मीणा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखने के दौरान मौके पर मौजूद गार्डों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। गार्डों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि बिना किसी दबाव के चाबी नाबालिगों को सौंपी गई। पुलिस ने मामले में अलग-अलग टीमें गठित कर ली हैं और फरार बाल अपचारियों की तलाश लगातार जारी है।


